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मनीष गुप्ता हत्याकांड: अखिलेश से बिना मिलाए मीनाक्षी को ले जाने पर सपाइयों ने काटा बवाल
Fri, 01 Oct 2021 02:52 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 01 Oct 2021 02:52 AM IST
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अखिलेश यादव ने की मीनाक्षी गुप्ता से मुलाकात
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर में हुए मनीष गुप्ता हत्याकांड ने पूरी तरह से सियासी रूप ले लिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आने की सूचना पर गुरुवार को सपाई भी मनीष के घर पहुंच गए। इस बीच पुलिस वाले मनीष की पत्नी मीनाक्षी और परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाने के लिए ले जाने लगे तो सपाई भड़क गए। बोले, जब तक अखिलेश पीड़ित परिवार से नहीं मिल लेंगे, किसी को नहीं जाने देंगे। इसके बाद बवाल काटना शुरू कर दिया। मीनाक्षी से धक्कामुक्की की और पूरे परिवार को घेर लिया। पुलिस ने विरोध जताया तो उनसे भी तीखी नोकझोंक हुई। एक रिश्तेदार को थप्पड़ भी जड़ा। दरअसल, बुधवार रात को अफसरों ने जानकारी दी थी कि मुख्यमंत्री शहर आएंगे तो पुलिस लाइन में पीड़ित परिवार से मिलेंगे। सुबह करीब 11 बजे पुलिस अफसर पीड़ित परिवार को घर से पुलिस लाइन ले जाने लगे।
मनीष गुप्ता हत्याकांड: परिजनों से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव
- फोटो : ट्विटर
इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने की जानकारी मिली तो सपाइयों ने पीड़ित परिवार को वहीं रोक लिया। परिवार आगे बढ़ने लगा तो सपाई धक्कामुक्की करने लगे। भीड़ में मीनाक्षी भी धक्कामुक्की का शिकार हुईं।
कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
यह देख उनके रिश्तेदार लखनऊ निवासी दुर्गेश सामने आ गए तो लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष विनय गुप्ता ने उनके थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान एसीपी गोविंदनगर विकास पांडेय ने दुर्गेश को वहां से हटाया। बाद में पूरा परिवार वापस घर में चला गया। इसके बाद अखिलेश ने अंदर जाकर परिवार से मुलाकात की।
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कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश के जाते ही चले गए सपाई
बवाल न हो इसलिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात रहे। हालांकि जब अखिलेश यादव लखनऊ के लिए रवाना हुए, तभी सपाई भी वहां से निकल गए। इसके बाद पुलिस परिजनों को लेकर पुलिस लाइन के लिए रवाना हुई। अफसरों ने मुलाकात का समय बदला। पहले पीड़ित परिजन सीएम से कार्यक्रम से पहले ही मिलने वाले थे, बाद में तय हुआ कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम से मुलाकात कराई जाएगी।
बवाल न हो इसलिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात रहे। हालांकि जब अखिलेश यादव लखनऊ के लिए रवाना हुए, तभी सपाई भी वहां से निकल गए। इसके बाद पुलिस परिजनों को लेकर पुलिस लाइन के लिए रवाना हुई। अफसरों ने मुलाकात का समय बदला। पहले पीड़ित परिजन सीएम से कार्यक्रम से पहले ही मिलने वाले थे, बाद में तय हुआ कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम से मुलाकात कराई जाएगी।
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कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश से मिलने पहुंचे संजीत यादव के परिजन
सवा साल पहले बर्रा में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। तब अखिलेश यादव पीड़ित परिजनों के घर आए थे। पांच लाख रुपये की मदद भी की थी। अब जब मनीष के परिजनों से मिलने पहुंचे तो संजीत यादव की बहन रुचि व मां भी वहां पहुंच गई। हालांकि अखिलेश यादव तब तक जा चुके थे।
सवा साल पहले बर्रा में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। तब अखिलेश यादव पीड़ित परिजनों के घर आए थे। पांच लाख रुपये की मदद भी की थी। अब जब मनीष के परिजनों से मिलने पहुंचे तो संजीत यादव की बहन रुचि व मां भी वहां पहुंच गई। हालांकि अखिलेश यादव तब तक जा चुके थे।