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सेक्स रैकेट इंटरनेशनल, कोडवर्ड था चार्ली, सामने आ रहे हैं बड़े-बड़े नाम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 06 Jan 2018 09:05 AM IST
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सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़कियां
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कानपुर में बिरहाना रोड पर पटकापुर स्थित सूर्या अपार्टमेंट से गिरफ्तार सेक्स रैकेट में चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस सेक्स रैकेट के गिरोह में विदेशी लड़कियां भी शामिल थीं। ग्राहकों की मांग पर ये उन्हें मुंहमांगी कीमत पर उपलब्ध कराई जाती थीं। इस काम के लिए गिरोह के सदस्य चार्ली कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को सेक्स रैकेट की संचालिका, एजेंट और कॉल गर्ल्स के मोबाइल से कई विदेशियों के नंबर और व्हाट्सएप मैसेज मिले हैं।
सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़कियां
- फोटो : अमर उजाला
फीलखाना थानाक्षेत्र के पटकापुर स्थित सूर्या अपार्टमेंट में बुधवार को पुलिस ने छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। मौके से संचालिका बरखा मिश्रा, एजेंट नवजीत सिंह उर्फ टाफी सरदार, ग्राहक तिलक नगर निवासी शेखर गुप्ता, लाल बंगला निवासी गौरव सिंह, दर्शनपुरवा निवासी दीपांकर गुप्ता और तीन कॉल गर्ल्स को गिरफ्तार किया गया था।
सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़कियां
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने फ्लैट से 72500 नकद, आपत्तिजनक वस्तुएं और शक्तिवर्धक दवाएं भी बरामद की थीं। एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने बताया कि बरखा के रैकेट में विदेश तक की लड़कियां शामिल थीं। वह वेबसाइट और व्हाट्सएप नंबर के जरिये इन धंधों में लिप्त अन्य संचालकों के संपर्क में रहती थी। रैकेट का सारा काम एजेंट संभालते थे। ये ग्राहक तलाशने से लेकर लड़कियों को उन तक पहुंचाने का काम करते थे।
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सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़कियां, आरोपी युवक
- फोटो : अमर उजाला
संचालिका, एजेंट और कॉल गर्ल्स के मोबाइल को खंगालने पर उसमें कई विदेशी लड़कियों से चैटिंग होने की जानकारी भी मिली है। गिरोह से जुड़े लोग मोबाइल पर कोई सौदेबाजी नहीं करते थे। एजेंट को कोडवर्ड में चार्ली कहा जाता था। कोई ग्राहक संपर्क करता तो उसे चार्ली से बात करने को कहा जाता। चार्ली ही ग्राहक से व्हाट्सएप व वेबसाइट के जरिये बात करता था। सौदेबाजी के बाद बातचीत का सारा रिकॉर्ड डिलीट कर दिया जाता था।
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सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़कियां, आरोपी युवक
- फोटो : अमर उजाला
तीन हिस्सों में बांटी जाती थी रकम
एसपी के मुताबिक, स्थानीय एजेंट ग्राहकों के कहने पर दिल्ली में बैठे एजेंट से विदेशी लड़की की मांग करते थे। इसमें नेपाल से लेकर रूस तक की लड़कियां शामिल थीं। संचालिका होम डिलीवरी का भी काम करती थी। अगर ग्राहक कॉल गर्ल्स को अपने ठिकाने पर बुलाता था तो उसके चार्ज अलग थे। पूरी रकम मिलने के बाद ही लड़की बताए गए ठिकाने पर भेजा जाता था। मिलने वाली रकम का तीन हिस्सों में बंटवारा होता था। इसमें एक हिस्सा संचालिका, एक एजेंट और एक कॉल गर्ल को दिया जाता था।
एसपी के मुताबिक, स्थानीय एजेंट ग्राहकों के कहने पर दिल्ली में बैठे एजेंट से विदेशी लड़की की मांग करते थे। इसमें नेपाल से लेकर रूस तक की लड़कियां शामिल थीं। संचालिका होम डिलीवरी का भी काम करती थी। अगर ग्राहक कॉल गर्ल्स को अपने ठिकाने पर बुलाता था तो उसके चार्ज अलग थे। पूरी रकम मिलने के बाद ही लड़की बताए गए ठिकाने पर भेजा जाता था। मिलने वाली रकम का तीन हिस्सों में बंटवारा होता था। इसमें एक हिस्सा संचालिका, एक एजेंट और एक कॉल गर्ल को दिया जाता था।