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मासूम को पिलाई शराब, दिखाई फिल्म फिर "निर्मम हत्या", हत्यारोपी 'डेला और पाउडर'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 09 Mar 2018 10:20 PM IST
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पुलिस हिरासत में हत्यारोपी, मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कन्नौज जिले में बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के देवहा चमनगंज गांव में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना का खुलासा पुलिस ने किया है।
पुलिस हिरासत में हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन और सीओ बिल्हौर के मार्गदर्शन में कोतवाली बिल्हौर के इंसपेक्टर अशोक कुमार सिंह ने देवहा चमनगंज रामकिशोर के सात वर्षीय पुत्र अर्पित को अगवा कर निर्मम हत्या का खुलासा कर दिया है। इंसपेक्टर अशोक कुमार सिंह के अनुसार रामकिशोरकी गांव के ही चमनगंज निवासी पाउडर उफ सरबत अली और डेला उर्फ राकेश पुत्र बाबूराम से पुरानी रंजिश चली आ रही है।
पुलिस हिरासत में हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
रंजिश के खुन्नस में 18 फरवरी को पाउडर और डेला ने षड़यंत्र रचकर अर्पित (07) को घर के बाहर खेलते हुए अगवा कर लिया और नरवा के जंगल में रखा। उक्त दो दिनों तक रात में ही जबरन अर्पित को मारपीट कर शराब पिलाई। इसके बाद 21 फरवरी की रात बाइक से उक्त दोनों बच्चे सहित कन्नौज पहुंचे। यहां पर डेला और पाउडर ने बच्चे के साथ शराब पिलाकर नारायण टाकीज में सुल्तान नाम की फिल्म भी देखी। फिल्म देखने के बाद ही दोनों ने पास स्थित के दुकान से छुरी भी खरीदीं।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद 22 फरवरी की रात डेला और पाउडर अर्पित को मेंहदी गंगा तटके शमसान घाट ले गए और उसकी चाकुओं से काट-काट कर निर्मम हत्या कर दी। मामले को छिपाने के लिए दोनों ने शव को गंगा नदी में बहा दिया। पुलिस को जब मामले के साक्ष्य मिलना शुरू हुए तो परत-दर-परत खुलती चली गईं। सीओ और इंसपेक्टर बिल्हौर ने कन्नौज के मेहदी घाट पर गोताखोर लगाकर मृतक अर्पित के शव की तलाश भी की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पकड़े गए अपराधी पाउडर और डेला की निशान देही पर पुलिस को अर्पित का एक पैंट और उसकी चप्पलें बरामद हुई हैं। मामले के खुलासे में एसआई बृजेश शुक्ला, विजय शुक्ला, एचसीपी लाखाराम, कांस्टेबल शिवप्रताप, रामबीर, अर्जुन आदि ने महती भूमिका अदा की।
पुलिस होती सक्रिय तो बच जाती जानबिल्हौर। देवहा गांव के लोगों का कहना है कि यदि घटना के फौरन बाद यदि कोतवाली पुलिस चौकन्ना हो जाती तो मासूम अर्पित की जान बचाई जा सकती थी। अमर उजाला ने भी मामले को 20 फरवरी को प्रकाशित किया था, लेकिन परिजन और पुलिस रिश्तेदारी और मकनपुर मेला में ही अर्पित की तलाश करती रही। ग्रामीणों के मुताबिक अर्पित घर का एकलौता चिराग था और हत्या के सूचना के बाद मां सन्नो देवी और अन्य परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस होती सक्रिय तो बच जाती जानबिल्हौर। देवहा गांव के लोगों का कहना है कि यदि घटना के फौरन बाद यदि कोतवाली पुलिस चौकन्ना हो जाती तो मासूम अर्पित की जान बचाई जा सकती थी। अमर उजाला ने भी मामले को 20 फरवरी को प्रकाशित किया था, लेकिन परिजन और पुलिस रिश्तेदारी और मकनपुर मेला में ही अर्पित की तलाश करती रही। ग्रामीणों के मुताबिक अर्पित घर का एकलौता चिराग था और हत्या के सूचना के बाद मां सन्नो देवी और अन्य परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।