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अपने आप घास काटेगी मशीन, आग लगने पर किसान को जाएगा मैसेज, जानिए क्या है ये तकनीक
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:13 PM IST
सार
- पीएसआईटी में आयोजित हुआ विश्वकर्मा अवॉर्ड 2018
- प्रदेश के कई कॉलेजों से आए छात्रों ने दिखाया तकनीक का हुनर
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सेकेंड रीजनल कन्वेंशन छात्र विश्वकर्मा अवॉर्ड 2018
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर स्थित पीएसआईटी में सोमवार को ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) का सेकेंड रीजनल कन्वेंशन छात्र विश्वकर्मा अवॉर्ड 2018 का आयेाजन किया गया। इसमें प्रदेश के कई कॉलेजों से आए तकनीक के हुनरमंद छात्रों ने 45 प्रोजेक्ट और मॉडल के साथ शिरकत की।
छात्र जेम्स लव, विशाल और लक्ष्मी ने एक घास काटने की ऐसी मशीन को प्रदर्शित किया जिसे चलाने के लिए केवल आवाज ही काफी होगी। मतलब मशीन को केवल आप अपनी आवाज से फीडिंग कर देंगे और मशीन आपके कहे अनुसार काम कर देगी। यह मशीन वायरलेस है। अभी तक जो मशीनें आती थीं उनमें वायर रहता था। विशाल ने बताया कि यह मशीन मोबाइल से कनेक्ट रहती है। इसलिए आप ब्लूटूथ या अपने मोबाइल एप से इसे संचालित कर सकेंगे।
बतौर मुख्य अतिथि हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने शिरकत की। उन्होंने छात्रों को इनोवेशन करने के लिए कहा। इंस्टीट्यूट के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने छात्रों के हुनर की तारीफ की। एआईसीटीई के रीजनल ऑफिसर एमके तिवारी, बोर्ड ऑफ अप्रेंटिस ट्रेनिंग के निदेशक डॉ. एसके मेहता, पीएसआईटी के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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छात्र जेम्स लव, विशाल और लक्ष्मी ने एक घास काटने की ऐसी मशीन को प्रदर्शित किया जिसे चलाने के लिए केवल आवाज ही काफी होगी। मतलब मशीन को केवल आप अपनी आवाज से फीडिंग कर देंगे और मशीन आपके कहे अनुसार काम कर देगी। यह मशीन वायरलेस है। अभी तक जो मशीनें आती थीं उनमें वायर रहता था। विशाल ने बताया कि यह मशीन मोबाइल से कनेक्ट रहती है। इसलिए आप ब्लूटूथ या अपने मोबाइल एप से इसे संचालित कर सकेंगे।
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बतौर मुख्य अतिथि हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने शिरकत की। उन्होंने छात्रों को इनोवेशन करने के लिए कहा। इंस्टीट्यूट के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने छात्रों के हुनर की तारीफ की। एआईसीटीई के रीजनल ऑफिसर एमके तिवारी, बोर्ड ऑफ अप्रेंटिस ट्रेनिंग के निदेशक डॉ. एसके मेहता, पीएसआईटी के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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पीएसआईटी
मशीन करेगी किसानों का काम, आसान होगी बुआई
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन और इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विभाग के छात्रों ने मिलकर एक ऐसी मशीन तैयार की है जो चंद मिनटों में ही किसानों के कई घंटों का काम कर देगी। इस मशीन को ऑटोनॉमस सीड शोइंग बोट नाम दिया गया है। यह मशीन किसी भी फसल की बुआई से पहले खेतों की जांच कर लेगी और अगर कुछ गंदगी या घास होगी तो उसे साफ कर देगी। इसके बाद पूरे खेत में निर्धारित पैमाने के अनुसार बीज की बुआई कर देगी। पैमाना कोई भी किसान आसानी से मशीन में सेट कर सकता है। इस मशीन को छात्रा अस्मिता यादव, अनन्या मिश्रा, दीपांशी वर्मा ने मिलकर बनाया है।
आग लगने की सूचना देगी मशीन
इंद्रप्रस्थ कॉलेज गाजियाबाद के छात्रों ने अग्निरक्षक यंत्र बनाया है। यह ऐसी मशीन है जो किसानों के लिए विशेष तौर पर बनाई गई है। खेत में मशीन लगाई जाती है और अगर खेत में कभी आग लगेगी तो तुरंत इसकी जानकारी खेत के मालिक के पास मोबाइल में पहुंच जाएगी। इस मशीन का प्रयोग फैक्ट्री में भी किया जा सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन और इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विभाग के छात्रों ने मिलकर एक ऐसी मशीन तैयार की है जो चंद मिनटों में ही किसानों के कई घंटों का काम कर देगी। इस मशीन को ऑटोनॉमस सीड शोइंग बोट नाम दिया गया है। यह मशीन किसी भी फसल की बुआई से पहले खेतों की जांच कर लेगी और अगर कुछ गंदगी या घास होगी तो उसे साफ कर देगी। इसके बाद पूरे खेत में निर्धारित पैमाने के अनुसार बीज की बुआई कर देगी। पैमाना कोई भी किसान आसानी से मशीन में सेट कर सकता है। इस मशीन को छात्रा अस्मिता यादव, अनन्या मिश्रा, दीपांशी वर्मा ने मिलकर बनाया है।
आग लगने की सूचना देगी मशीन
इंद्रप्रस्थ कॉलेज गाजियाबाद के छात्रों ने अग्निरक्षक यंत्र बनाया है। यह ऐसी मशीन है जो किसानों के लिए विशेष तौर पर बनाई गई है। खेत में मशीन लगाई जाती है और अगर खेत में कभी आग लगेगी तो तुरंत इसकी जानकारी खेत के मालिक के पास मोबाइल में पहुंच जाएगी। इस मशीन का प्रयोग फैक्ट्री में भी किया जा सकता है।