टीवी सीरियल 'सावधान इंडिया' से अपराध के प्रति सचेत करने वाला कलाकार रियल लाइफ में हत्यारा निकला। अब वह दिन दूर नहीं जब इस सीरियल में उसकी करतूत भी दिखेगी। यूपी के कानपुर में पुलिस ने पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय अक्षय वर्मा उर्फ निक्की की हत्या में उसे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में प्रयुक्त कार और स्कूटी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक त्रिकोणीय प्रेम संबंध में हत्या की गई थी।
रील लाइफ का विलेन रीयल लाइफ में हत्यारा!, पुलिस के गले नहीं उतरी 'सावधान इंडिया' के अनुभव की कहानी
-त्रिकोणीय प्रेम संबंधों में दोस्त ने साथी संग रस्सी से घोटा था गला
-वारदात में प्रयुक्त कार और स्कूटी भी बरामद, आरोपी भेजे गए जेल
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अक्षय ने उसके मोबाइल से युवती का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और फिर बात करने लगा। नजदीकियां बढ़ने से मुल्लू को शक हुआ तो उसने अक्षय को दूर रहने की चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माना। उल्टा उसे व्हाट्सएप और फेसबुक पर धमकाने लगा। एक बार मुल्लू ने प्रेमिका के साथ फेसबुक पर फोटो पोस्ट की तो अक्षय ने अभद्र टिप्पणी की थी। इसके बाद मुल्लू ने उसे सबक सिखाने की ठान ली। साजिश के तहत 22 सितंबर को वह अक्षय के घर पहुंचा और फिर गोल चौराहा रावतपुर में चाय पीने के बहाने उसे स्कूटी से साथ ले गया। उसी दौरान अक्षय के मोबाइल की बैट्री खत्म हो गई।
मुल्लू चार्जर देने की बात कहकर उसे अपने घर ले गया। वहां पहुंचकर मोहल्ले के चाचा अजीत कुमार उर्फ मुन्ना के साथ उन दोनों ने शराब पी। नशा होने पर अक्षय वहीं सो गया। देर रात करीब 2:30 बजे मुल्लू और मुन्ना ने मिलकर रस्सी से अक्षय का गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव बोरे में भरा और अनुभव को फोनकर कार लाने के लिए कहा। फिर कार की डिकी में शव रखकर अर्मापुर नहर में फेंक आए थे।
शराब कारोबार से भी जुड़ा है अनुभव...
गांधी नगर निवासी अनुभव जायसवाल के पिता प्रसून कुमार जायसवाल केडीए के रिटायर्ड सहायक अभियंता हैं। अनुभव शराब के कारोबार से जुड़ा है। आर्य नगर स्थित मॉडल शॉप के साथ ही शहर में उसकी कई दुकाने हैं। उसने 2011 टीवी की दुनिया में कदम रखा। उसने 'न आना इस देश में लाडो', 'सावधान इंडिया' और 'सपने सुहाने लड़कपन के' समेत कई धारावारिकों में काम किया है। वह सावधान इंडिया के करीब 12 एपीसोड में बतौर हीरो और विलेन भूमिका निभा चुका है। पुलिस का कहना है कि अनुभव शातिर दिमाग का है। अपराध से जुड़े सीरियल में काम करके वह कानून की बारीकियों को भली-भांति जानता था। डीडी वन पर भी गुड़िया नाम के धारावाहिक में वह अभिनय करने वाला था। इसकी शूटिंग जल्द शुरू होने वाली है।
क्रिकेटर की हत्या पर बने सीरियल में किया था विलेन का रोल
वर्ष 2011 में यूपी अंडर-13 के एक खिलाड़ी का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इटावा के रहने वाले इस क्रिकेटर की रिहाई के लिए लखनऊ के नाका थानाक्षेत्र के एक पीसीओ से फोन कर फिरौती मांगी गई थी। क्रिकेटर का आखिरी लोकेशन भी इसी इलाके में मिला था। मामले की जांच तत्कालीन नाका थाना प्रभारी अजीत सिंह चौहान (वर्तमान में सीओ नजीराबाद) को सौंपी गई थी। सीओ ने बताया कि क्रिकेटर के अपहरण और हत्या की कहानी पर सावधान इंडिया ने एपिसोड बनाया था। इसमें अनुभव जायसवाल ने विलेन का रोल किया था। उसी को अपहरण और हत्या को अंजाम देते दिखाया गया था। इस सीरियल को याद करके अनुभव की आंखें भर आईं। बोला, सीरियल में उसने हत्या करने वाले बदमाश का किरदार निभाया था, अब असल जिंदगी में वैसा ही हुआ है।
खेल कुछ और तो नहीं, पुलिस कर रही जांच
टीवी कलाकार अनुभव जायसवाल पुलिस और मीडिया के सामने खुद को बेकसूर बताता रहा। कहता रहा कि उसने अपराध नहीं किया, गलती की है। दोष केवल इतना है कि अक्षय की हत्या और कार से शव फेंके जाने की जानकारी उसे थी, लेकिन उसने पुलिस को नहीं बताया। अनुभव की बताई कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। एक पुलिस अफसर का कहना है कि अनुभव का हत्या में परोक्ष या अपरोक्ष रूप से शामिल रहा है या केवल शव को ठिकाने लगाने में, यह विवेचना के बाद ही साफ होगा।