{"_id":"5f1cff408ebc3e63c76c691b","slug":"sanjit-kidnapping-murder-case-father-chaman-yadav-says-i-kept-touching-feet-of-police-and-they-kept-avoiding-every-time","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"संजीत अपहरण हत्याकांड: मैं पुलिस के पैर छूता रहा और वो हर बार टालते रहे, अगर बेटे के बदले कोई जान मांगता तो दे देता...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संजीत अपहरण हत्याकांड: मैं पुलिस के पैर छूता रहा और वो हर बार टालते रहे, अगर बेटे के बदले कोई जान मांगता तो दे देता...
Sun, 26 Jul 2020 09:27 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 26 Jul 2020 09:27 AM IST
विज्ञापन
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर मेरे बेटे के बदले कोई जान मांगता तो मैं वो भी दे देता। मैं हर बार पुलिस के पास जाकर उनके पैर छूता और वो हर बार टालते रहे। उनकी लापरवाही मेरे बेटे को खा गई...यह शब्द उस दुखी पिता के हैं, जिसके बेटे की पुलिस ने हत्या की खबर तो दे दी, लेकिन अभी तक उसका शव नहीं खोज पाए। शनिवार को बयान दर्ज करने पहुंचे एडीजी पीएचक्यू बीपी जोगदंड के सामने संजीत के पिता चमन यादव आप बीती बताते हुए फफक पड़े।
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने न्याय की मांग की और दोषी पुलिसकर्मियों एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन सीओ मनोज गुप्ता व तत्कालीन इंस्पेक्टर रणजीत राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने इन पुलिस कर्मियों को अपर्ह्ताओं के बाराबर का दोषी होने का आरोप लगाया।
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
पिता चमन सिंह ने बताया कि वो बेटे को खोजने केलिए पुलिस कर्मियों के पैरों पर गिर गए, लेकिन उन्हें तरस नहीं आया। पुलिस आज कल में टाल मटोल करती रही और हत्यारों ने मेरे बेटे की हत्या कर दी। बयान दर्ज कराने के दौरान पिता आपबीती बताते हुए कई बार बेहोश हो गए। एक बेबस, लाचार पिता की हालत देख अधिकारी भी मायूस से उठ कर चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
संजीत की बहन रुचि व मां कुसुमा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन सभी से चीख-चीख कर कहती रही ‘एक बार मेरे भाई की डेड बॉडी ही दिखला दो’...। रुचि ने सिसकते हुए कहा ‘भाई तुमने इस रक्षाबंधन पर समय से राखी बंधवाने का वादा किया था...और तुमने अपनी बहन से किया वादा तोड़ दिया’...।
विज्ञापन
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
मां कुसुमादेवी ने कहा ‘हे भगवान...मेरा सबकुछ छीनने केबाद भी मेरी सांसें क्यों चल रही हैं’। ‘काश कहीं से कोई आकर यह कह दे कि तुम्हारा बेटा जिंदा है’...। पिछले तीन दिनों से खाना पीना त्यागने के कारण संजीत के परिजनों की हालत बिगड़ रही है। शनिवार को भी रिश्तेदार और आस पड़ोस के लोग उन्हें ढांढस बंधाने आते रहे।