साबरमती एक्सप्रेस के 22 में से 12 कोच झांसी मंडल भेज दिए गए हैं, बचे 10 की जांच कराई जाएगी। इन बोगियों का जल्द ही कोचिंग एंड वैगन विभाग के अधिकारी निरीक्षण कर सकते हैं। शनिवार रात को झांसी अप लाइन को सही कराने की वजह से बचे कोच विशेष क्रेन की मदद से ट्रैक के किनारे रखवा दिए गए हैं।
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साबरमती हादसा: सभी 12 एसी कोच सुरक्षित झांसी भेजे गए, बचे 10 की होगी जांच,ट्रैक से हटाकर एक किनारे पर रखवाए गए
Mon, 19 Aug 2024 11:02 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 19 Aug 2024 11:02 AM IST
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sabarmati express derail
- फोटो : अमर उजाला
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बोगियों की सुरक्षा में आरपीएफ की ड्यूटी लगाई
साबरमती के दस कोच में से कुछ एक-दूसरे पर टिककर तिरछे हो गए हैं। इनकी सुरक्षा के लिए आरपीएफ स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि नजदीक में ही ट्रैकमैन और अन्य कर्मचारियों के भोजन व आराम के लिए टेंट लगाया गया है। ट्रैक को बनाने और अपग्रेड करने में आगरा, प्रयागराज और झांसी मंडली के लगभग 250 कर्मचारी लगे हुए हैं।
साबरमती के दस कोच में से कुछ एक-दूसरे पर टिककर तिरछे हो गए हैं। इनकी सुरक्षा के लिए आरपीएफ स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि नजदीक में ही ट्रैकमैन और अन्य कर्मचारियों के भोजन व आराम के लिए टेंट लगाया गया है। ट्रैक को बनाने और अपग्रेड करने में आगरा, प्रयागराज और झांसी मंडली के लगभग 250 कर्मचारी लगे हुए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
कानपुर-झांसी रूट की अप लाइन 29 घंटे बाद चालू
साबरमती एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के करीब 29 घंटे बाद कानपुर-झांसी रूट की अप लाइन चालू हो गई। हालांकि ट्रैक के उच्चीकरण होने तक दो से तीन किलोमीटर तक कॉशन जारी रहेगा। रविवार सुबह 7:41 बजे पहली मालगाड़ी गोविंदपुरी से होते हुए गई। इसके बाद थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में चार अन्य ट्रेनों को कॉशन लेकर गुजारा गया। हादसे के बाद एनसीआर जीएम उपेंद्र चंद्र जोशी के निर्देशन में शनिवार सुबह से लेकर लगभग 24 घंटे तक ट्रैक को नए सिरे से व्यवस्थित करने का काम चला।
साबरमती एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के करीब 29 घंटे बाद कानपुर-झांसी रूट की अप लाइन चालू हो गई। हालांकि ट्रैक के उच्चीकरण होने तक दो से तीन किलोमीटर तक कॉशन जारी रहेगा। रविवार सुबह 7:41 बजे पहली मालगाड़ी गोविंदपुरी से होते हुए गई। इसके बाद थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में चार अन्य ट्रेनों को कॉशन लेकर गुजारा गया। हादसे के बाद एनसीआर जीएम उपेंद्र चंद्र जोशी के निर्देशन में शनिवार सुबह से लेकर लगभग 24 घंटे तक ट्रैक को नए सिरे से व्यवस्थित करने का काम चला।
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ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से करीब 500 मीटर का रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था। काफी दूर तक ट्रैक पर बिछे कंक्रीट के स्लीपर टूट गए थे। शनिवार सुबह जूही यार्ड, प्रयागराज और झांसी मंडल से एआरटी मंगवाकर अपलाइन पर कार्य शुरू कराया गया, जबकि झांसी की ओर से कानपुर के लिए जाने वाली डाउन लाइन पर कॉशन लेकर पुष्पक, गरीबरथ, बरौनी, गोरखपुर एक्सप्रेस को पास कराया।
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- फोटो : अमर उजाला
रेलवे की ओर से सड़क मार्ग से चलनी वाली दो एआरटी तेजस भी मंगवाई गईं। इसकी मदद से कार्य में और तेजी आ सकी। रविवार सुबह सवा सात बजे तक काम पूरा हो गया। प्रयागराज मंडल के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि सबसे पहले मालगाड़ी गुजारी गई। यहां कॉशन लिया गया है। ट्रेन 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी।