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Vikas Dubey: विकास दुबे की मौत के 38 दिन बाद कानपुर पहुंची रिचा दुबे, डीआईजी को की चार बार कॉल
Wed, 19 Aug 2020 08:43 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 19 Aug 2020 08:43 AM IST
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विकास दुबे: विकास दुबे की अस्थियां लेकर जाता बेटा साथ में रिचा दुबे
- फोटो : amar ujala
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एनकाउंटर में मारे गए दहशतगर्द विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे सोमवार दोपहर बड़े बेटे आकाश दुबे व अधिवक्ता संग भैरव घाट पति की अस्थियां लेने पहुंची। इसके बाद वह मृत्यु प्रमाणपत्र लेने भैरवघाट स्थित नगर निगम के कार्यालय गईं, लेकिन थाने से वहां कोई कागजात न भेजने के चलते उन्हें बिना प्रमाणपत्र के ही लौटना पड़ा।
विकास दुबे: विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
दो जुलाई की देर रात विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। वारदात में सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। एसटीएफ ने उसे 10 जुलाई को मुठभेड़ में मार गिराया था। भैरवघाट विद्युत शवदाह गृह पर उसका अंतिम संस्कार करा दिया था। सोमवार दोपहर उसकी पत्नी रिचा दुबे ने अपने बड़े बेटे व अधिवक्ता ब्रह्मदेव प्रताप मौर्या, आलोक शर्मा संग भैरवघाट स्थित बिजली शव दाह गृह पहुंचकर विकास की अस्थियां लीं।
विकास दुबे: डीआईजी प्रीतिंदर सिंह एवं रिचा दुबे
- फोटो : amar ujala
डीआईजी ने मिलने से किया इनकार
सूत्रों के अनुसार भैरवघाट से निकलते ही रिचा ने डीआईजी डॉ प्रीतिंदर सिंह को कॉल कर मिलने की इच्छा जाहिर की, लेकिन उनका फोन डीआईजी के पीआरओ ने उठाया और बाद में बात करने की बात कही। चार बार कॉल करने के बाद भी डीआईजी से कोई रिस्पांस न मिलने पर उन्हें लौटना पड़ा। सूत्रों के अनुसार विकास ने अपने नाम से एलआईसी में कई जीवन बीमा पालिसी कराई थीं। उनकी जानकारी लेने के लिए वह एलआईसी कार्यालय भी गई।
सूत्रों के अनुसार भैरवघाट से निकलते ही रिचा ने डीआईजी डॉ प्रीतिंदर सिंह को कॉल कर मिलने की इच्छा जाहिर की, लेकिन उनका फोन डीआईजी के पीआरओ ने उठाया और बाद में बात करने की बात कही। चार बार कॉल करने के बाद भी डीआईजी से कोई रिस्पांस न मिलने पर उन्हें लौटना पड़ा। सूत्रों के अनुसार विकास ने अपने नाम से एलआईसी में कई जीवन बीमा पालिसी कराई थीं। उनकी जानकारी लेने के लिए वह एलआईसी कार्यालय भी गई।
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विकास दुबे: विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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विकास दुबे: विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
अभी तक पुलिस इस मामले में 20 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के तीन साथी सरेंडर भी कर चुके हैं। वहीं इस घटना में शामिल कई बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।