23 मार्च वाे दिन जाे देश की सियासत के लिए बेहद अहम हाेने जा रहा है। इस दिन राज्यसभा की 58 सीटाें के लिए चुनाव हाेगा। इस चुनाव काे भाजपा राज्यसभा में अपना गणित मजबूत करने के माैके के ताैर पर देख रही है। विपक्ष पर अपने-अपने किलाें काे बचाने की काेशिश में लगा हुअा है। हम अापकाे राज्यसभा का पूरा गणित बताएंगे और जानेंगे कि देश की राजनीति पर इन चुनावों का कितना असर होगा।
23 मार्च को राज्यसभा के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगी वोटिंग
23 मार्च को राज्यसभा के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी और उसी दिन शाम काे परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि 16 राज्यों से कुल 58 सीटों के लिए राज्यसभा सदस्य चुने जाने हैं, लेकिन 25 से ज्यादा उम्मीदवारों को पहले ही निर्विरोध चुना जा चुका है।
क्या कहता है राज्यसभा का मौजूदा गणित
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। एनडीए के पास 77 सदस्य हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा भाजपा के 58 सदस्य हैं। अन्य दलों में जेडीयू के 7, शिरोमणि अकाली दल और शिवसेना के 3-3 सदस्य, पीडीपी के 2 और चार अन्य दलों के एक-एक सदस्य हैं, जो एनडीए के घटक दल हैं। राज्यसभा में विपक्ष व अन्य दलों के पास 168 सदस्यों का दम है। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके पास 54 सदस्य हैं।
राज्यसभा चुनाव 2018 के बाद की संभावना
यदि सब कुछ उम्मीद के मुताबिक हुआ तो इन राज्यसभा चुनावों के बाद भाजपा सदस्यों की संख्या 58 से बढ़कर 68 हाेगी और कांग्रेस सदस्यों की संख्या 54 से घटकर 48 हो सकती है। भाजपा ने 27 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। जिनमें से आठ केंद्रीय मंत्री रिटायर होने वाले हैं।
भाजपा ने राज्यसभा के लिए इन्हें दी है टिकट
इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली यूपी, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा हिमाचल प्रदेश, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत एमपी, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर महाराष्ट्र, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद बिहार, कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला और रसायन राज्यमंत्री मनसुख भाई मंडाविया गुजरात के नाम शामिल हैं। इसी के साथ भाजपा संगठन के कई नेता राज्यसभा पहुंचेंगे।