राज्य सभा संसद का उच्च सदन है। राज्यसभा में 250 सदस्य होते हैं। जिनमे 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामांकित होते हैं। इन्हें 'नामित सदस्य' कहा जाता है। राज्यसभा में सदस्य 6 साल के लिए चुने जाते हैं, जिनमे एक-तिहाई सदस्य हर 2 साल में सेवा-निवृत होते हैं। उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। वर्तमान में वैकेया नायडू राज्यसभा के सभापति हैं। राज्यसभा का पहला सत्र 13 मई 1952 को हुआ था।
जानिए किस तरह से चुने जाते हैं राज्यसभा सदस्य, इस चुनाव में "शिवपाल क्यों हैं इतने अहम?"
मार्च 2018 में राज्यसभा की 58 सीटों के लिए आने वाले 23 मार्च को वोट डाले जाएंगे। ये 58 सीटें कुल 16 राज्यों से हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, अप्रैल-मई 2018 में 58 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, जिसके बाद ये सीटें खाली हो जाएंगी। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के अलावा, बिहार की 6 राज्यसभा सीटें, महाराष्ट्र की 6, मध्य प्रदेश की 5, पश्चिम बंगाल की 5 और कर्नाटक की 4 सीटों पर चुनाव होने हैं। चुनावों के लिए 12 मार्च तक नामांकन भरा जा सकता है। 23 मार्च को मतदान होंगे और 23 मार्च को ही वोटों की काउंटिंग होगी।
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े राजनैतिक घराने में राज्यसभा सीटाें पर हाेने वाले मतदान से ठीक पहले कलह के बादल छटने लगे हैं। अखिलेश ने मतदान से ठीक पहले अपने अावास पर एक डिनर पार्टी का अायाेजन किया था जिसमें चाचा शिवपाल भी अखिलेश यादव के साथ मुस्कुराते हुए नजर अाए। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव का अपना कद है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान होना है। शिवपाल यादव के एक्टिव होते ही बीजेपी के 9वें उम्मीदवार की जीत के सपने को ग्रहण लग गया है।