{"_id":"632aaf0e18ea047e03249cdb","slug":"raju-srivastav-death-comedian-raju-srivastava-passes-away-age-of-58","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Raju Srivastav Death: क्या आप जानते हैं उस घटना के बारे में जिसने राजू को मुंबई जाने के लिए किया मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raju Srivastav Death: क्या आप जानते हैं उस घटना के बारे में जिसने राजू को मुंबई जाने के लिए किया मजबूर
Wed, 21 Sep 2022 11:58 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 21 Sep 2022 11:58 AM IST
विज्ञापन
raju srivastav
- फोटो : अमर उजाला
देश के मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का आज दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। राजू श्रीवास्तव ने 10 बजकर 20 मिनट पर अंतिम सांस ली। राजू श्रीवास्तव स्टैंड अप कॉमेडी के जरिए लोगों को हंसाते रहे हैं। कई टीवी और स्टेज शो में राजू श्रीवास्तव ने काम किया था। एक कॉमेडियन, टीवी सेलिब्रिटी होने के साथ ही राजू श्रीवास्तव भाजपा के नेता भी थे। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का दिल्ली एम्स में 41 दिन से अस्पताल में भर्ती थे। 10 अगस्त को जिम में वर्कआउट दौरान राजू को दिल का दौरा पड़ा था। राजू श्रीवास्तव के निधन के बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई नम आंखों से राजू को श्रद्धांजलि दे रहा है। आइए जानते हैं वो किस्सा जिसने राजू को मुंबई जाने के लिए मजबूर कर दिया।
Raju Srivastav
अपने हुनर से लोगों को हंसा हंसा कर लोटपोट कर देने वाले राजू श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के रहने वाले थे। राजू श्रीवास्तव का मध्यम वर्गीय परिवार में जन्म हुआ था।
राजू श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के गजोधर भइया के किरदार को कोई भुला नहीं सकता है। द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज में इस किरदार के माध्यम से उन्होंने सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ी और उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजू श्रीवास्तव
खास बात यह है कि गजोधर भइया कोई काल्पनिक किरदार नहीं हैं, वह राजू के उन्नाव स्थित ममान में रहते थे। राजू के ददिहाल उन्नाव के बीघापुर ब्लॉक के मगरायर गांव में रहने वाला चाचा वेद विक्रम श्रीवास्तव बताते हैं कि बड़े भाई (राजू के पिता) रमेश चंद्र श्रीवास्तव हास्य रस के कवि थे।
विज्ञापन
राजू श्रीवास्तव
अवधी और बैसवारी बोली में काव्य पाठ करने के कारण उन्हें बलई काका के नाम से जाना जाता था। बचपन से राजू उनकी कविताओं को बड़े गौर से सुनता था। राजू का ननिहाल यहां से तीन किमी दूर बेहटा सशान में था। वहां पर एक बुजुर्ग गजोधर रहते थे। वह रुक-रुक कर बोलते थे, उन्हीं का किरदार राजू ने अपनाया और उस किरदार को लोगों ने भी बहुत पसंद किया।