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किडनी कांड: पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला की जमानत अर्जी पर गुरुवार को होगी सुनवाई
Wed, 12 Jun 2019 03:47 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 12 Jun 2019 03:47 AM IST
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किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दीपक शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
किडनी कांड के आरोपी पीएसआरआई नई दिल्ली के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला ने जमानत के लिए जिला जज की अदालत में अर्जी दी थी। जिला जज के यहां से फाइल स्पेशल जज एससीएसटी कोर्ट में स्थानांतरित कर दी गई। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 13 जून की तिथि तय की है।
पुलिस ने डॉक्टर दीपक को किया था गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. शुक्ला के अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने कोर्ट में दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र में 69 वर्षीय डॉ. शुक्ला को बुजुर्ग व बीमार बताते हुए जमानत की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि डॉ. शुक्ला हाइली डायबिटिक, हाइपरटेंशन व थायराइड के मरीज हैं। दोनों समय इंसुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है।
पुलिस के साथ जाते डॉक्टर दीपक
- फोटो : अमर उजाला
यह भी तर्क दिया कि उनका किसी भी किडनी दाता या मरीज से सरोकार नहीं है। मानव अंग प्रत्यारोपण के संबंध में दिल्ली सरकार द्वारा एक ऑथराइजेशन कमेटी गठित की गई है। इसमें विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ, विधि सलाहकार व अलग-अलग अस्पतालों के चिकित्सक होते हैं।
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पुलिस के साथ जाते डॉक्टर दीपक
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्यर्पण के लिए अंग पाने वाला और देने वाला दोनों अपने दस्तावेजों के साथ प्रार्थना पत्र, शपथपत्र व अन्य प्रपत्र अस्पताल में जमा करते हैं। इसके बाद दोनों को कमेटी के सामने पेश किया जाता है। कमेटी की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी होती है।
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डॉक्टर दीपक शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. शुक्ला ने न तो कोई फर्जी दस्तावेज तैयार किया और न ही षड्यंत्र में शामिल रहे। साथ ही कहा कि अंग प्रत्यारोपण की धारा 18, 19 व 20 के तहत जांच करने का अधिकार पुलिस को है ही नहीं, इसके लिए राज्य व केंद्र सरकार के अधिकारी ही अधिकृत हैं।