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सोशल मीडिया पर कुछ इस कदर छाया है ये मुद्दा: 'अमीर-गरीब में बट गई पॉलिथीन!' 

Wed, 18 Jul 2018 05:13 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 18 Jul 2018 05:13 PM IST
सार

- ट्विटर पोस्ट- ठेला, रेहड़ी यानी गरीब की पॉलिथीन हानिकारक है! बंद हो गई ! अमूल, कुरकुरे, चिप्स, शैम्पू आदि की लाभदायक होती है! तभी जारी है 
- सोशल मीडिया पर लोगों का सवाल- पॉलिथीन में सामान बेचने वाली कंपनियों का चालान कोई काटेगा?

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Polythene Ban issue on social media
सोशल मीडिया पर पॉलिथीन बैन का मुद्दा
यूपी में पॉलिथीन बैन का मुद्दा सोशल मीडिया पर उबाल मार रहा है। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप पर लोग अपनी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। 

फेसबुक पर ‘पब्लिक स्टेटस’
अपनी फेसबुक वॉल पर कानपुर के धर्मेंद्र कुमार सिंह लिखते हैं - एक वर्ग प्रतिबंध लगाने वाले हमारे रहनुमा कहते हैं- ‘इतने माइक्रॉन.. उतने माइक्रॉन... नापो-जोखो.. बाबू! सख्ती करो या दया दिखाओ, थोड़े दिन और गुजर जाएं, मामला ठंडा हो जाये तो लूटो खाओ।
दूसरा वर्ग जनता जनार्दन- ‘गरीब की पॉलिथीन, अमीर की पॉलिथीन... इनका धन्धा चौपट उनका फलेगा फूलेगा।’ पहला वर्ग- ‘यार जब निस्तारण की दमदार व्यवस्था नहीं है तो क्या ये पॉलिथीन वो पॉलिथीन...? 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- तभी हम पॉलिथीन का इस्तेमाल बंद करेंगे...
 
Polythene Ban issue on social media
सोशल मीडिया पर पॉलिथीन बैन का मुद्दा
अरुण सिंह लिखते हैं- किराना दुकान में खुलेआम पॉलिथीन का इस्तेमाल किया जा रहा है पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर दुकानदार गणेश का कहना है कि जितनी पॉलिथीन मेरे पास बची हुई है उसकी खपत करने के बाद ही हम पॉलिथीन का इस्तेमाल बंद करेंगे।
आशुतोष श्रीवास्तव फेसबुक पर लिखते हैं- अमूल और नमस्ते इंडिया का दूध हर दुकान पर बिक रहा है। क्या ये अधिकारी उन सभी दुकानों पर जाकर 25000 रुपए का चालान करेंगे क्या ? या फिर केवल समोसे, मिठाई और डेरी वालों का ही चालान करेंगे ।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- दूध, नमकीन, चिप्स, कुरकुरे बनाने वाली कंपनियां आपकी रिश्तेदार हैं क्या ?...
Polythene Ban issue on social media
सोशल मीडिया पर पॉलिथीन बैन का मुद्दा
 अपने ट्विटर हैंडल पर शाइस्ता लिखती हैं- योगीजी पालिथीन बैन करिए ठीक है हम झोले में समान लाएंगे लेकिन दूध, नमकीन, चिप्स, कुरकुरे बनाने वाली कंपनियां आपकी रिश्तेदार हैं क्या ?
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- बड़ी कंपनियों के सॉस ऐसे ही आते रहेंगे...
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Polythene Ban issue on social media
सोशल मीडिया पर पॉलिथीन बैन का मुद्दा
सलमान जफर लिखते हैं- उस पालीथिन पर पाबंदी लगी है जिस में सड़क किनारे समोसे वाला चटनी देता है, बाकी बड़ी कंपनियों के सॉस ऐसे ही आते रहेंगे! उस पॉलिथीन और इस पॉलिथीन में क्या फर्क है, कोई समझायेगा ?
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- बड़ी कंपनियों को आजादी है...
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Polythene Ban issue on social media
सोशल मीडिया पर पॉलिथीन बैन का मुद्दा
अखिलेश लिखते हैं- प्लास्टिक बंद अच्छी बात है पर किसकी? मैगी? पतंजलि? रिलायंस? आशीर्वाद? डालडा घी ? कुरकुरे? लेयस ? अंकल चिप्स ? बंद हुई है तो सिर्फ सब्जी , आटा, दाल, चावल बेचने वाले छोटे दुकानदारों के लिए जुर्माना भी उन्हीं का कटेगा। बड़ी कंपनियों को आजादी है।
फहाद लिखते हैं- पॉलिथीन भी अमीर गरीब में बंट गई ! ठेला, रेहड़ी यानी गरीब की पॉलिथीन हानिकारक थी! बंद हो गई ! अमूल, कुरकुरे, चिप्स, शैम्पू आदि की लाभदायक होती है! तभी जारी है 

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