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पुलिस ने सुभाष और रूबी के शव देने के लिए किया फोन, क्रूर बेटे-बहू को देखने से मां ने किया इनकार

Sun, 02 Feb 2020 07:36 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 02 Feb 2020 07:36 AM IST
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Police calls to give the bodies of Subhash and Ruby to mother
अपहरणकर्ता सुभाष बाथम - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में क्रूर बेटे सुभाष और बहू के शवों को देखने से भी मां ने इनकार कर दिया। कोतवाल ने सुभाष की मां से कई बार शवों को सुपुर्दगी में लेने के लिए मोबाइल से बात की। लेकिन मां ने हर बार इनकार ही कर दिया।


 
Police calls to give the bodies of Subhash and Ruby to mother
छूटने के बाद बंधक बनाए गए बच्चे, अंजली और अपहरणकर्ता सुभाष - फोटो : अमर उजाला
मां ने कहा कि सुभाष उनके लिए उस दिन ही मर गया था जब उसने मारपीट कर उसको घर से निकाल दिया था। बेटे सुभाष व बहू रूबी के शवों को उसकी मां सगुना देवी जो बेटी के पास मैनपुरी में रह रही है को सौंपने के लिए कोतवाल राकेश कुमार ने पांच बार मोबाइल पर बात की।

 
Police calls to give the bodies of Subhash and Ruby to mother
ग्रामीणों की पिटाई से आरोपी सुभाष की पत्नी की मौत - फोटो : अमर उजाला
सगुना ने बेटे और बहू के शव लेने से साफ मना कर दिया। उसने बताया कि सुभाष ने मना करने के बाद भी रूबी से प्रेम विवाह किया और उसके ही इशारे पर चलने लगा। बहू के कहने पर ही उसको मारपीट कर घर से निकाल दिया।
 
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Police calls to give the bodies of Subhash and Ruby to mother
बंधक बनाए गए बच्चे सुरक्षित निकाले गए - फोटो : अमर उजाला
तबसे ही दोनों मरा मान लिया था। पुत्री और दामाद को ही अपना सब कुछ मानती है जिन्होंने मुसीबत में उसको सहारा दिया है। कोतवाल राकेश कुमार ने बताया कि कई बार बात करने पर भी सुभाष की मां शवों को देखने तक के लिए भी राजी नहीं हुईं।

 
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Police calls to give the bodies of Subhash and Ruby to mother
कुछ ऐसा था माहौल - फोटो : अमर उजाला
गांव के लोगों ने भी शवों के न लेने के लिए दिया पत्र
गांव के लोगों ने मोहम्मदाबाद कोतवाल राकेश कुमार को पत्र दिया है। इसमें कहा कि क्रूर सुभाष व उसकी पत्नी रूबी के शवों से गांव के किसी भी व्यक्ति का वास्ता नहीं है। हम लोगों के लिए वह हमारे गांव के बच्चों को बंधक बनाने की घटना के बाद से ही सारे नाते रिश्तों से दूर हो गया। अब उसके शव को देखना भी नहीं चाहते हैं।
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