{"_id":"5e3c4cf08ebc3ee5c848a9b6","slug":"police-arrested-15-suspects-from-delhi-and-bihar","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कानपुर: दिल्ली और बिहार से आए 15 संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ा, मुस्लिम बस्तियों में कर रहे थे संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: दिल्ली और बिहार से आए 15 संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ा, मुस्लिम बस्तियों में कर रहे थे संपर्क
Fri, 07 Feb 2020 12:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 07 Feb 2020 12:29 PM IST
विज्ञापन
कानपुर में पकड़े गए संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के सजेती और घाटमपुर की मुस्लिम बस्तियों में लोगों से संपर्क कर रहे 15 संदिग्धों को बृहस्पतिवार को पुलिस ने पकड़ लिया। सजेती थाने ले जाकर इनसे पूछताछ की गई तो 11 के पास दिल्ली के जगतपुरी और चार के पास बिहार के अलग-अलग जिलों के पहचान पत्र मिले। पूछताछ में संदिग्धों ने बताया कि वे मुस्लिम परिवारों में शिक्षा और धर्म प्रचार प्रसार करने तब्लिक जमात में निकले हैं।
मुस्लिम बस्तियों में कर रहे थे संपर्क
- फोटो : अमर उजाला
पहचान पत्र देखने के बाद पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। हालांकि इंटेलीजेंस की टीम सतर्क हो गई है। आईबी अफसरों का कहना है कि सभी संदिग्धों के पास दिल्ली में पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के गढ़ वाले इलाके का पहचान पत्र है। इसलिए इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सजेती के गुजेला गांव में मुस्लिम बस्ती में संपर्क करते देख स्थानीय लोगों ने इन संदिग्धों से पूछताछ शुरू की तो जानकारी देने में ये लोग आनाकानी करने लगे।
पुलिस की गिरफ्त में पीएफआई के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
इस पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस गुजैनी से सात संदिग्धों को थाने ले गई। पूछताछ में बताया कि नौ साथी घाटमपुर में हैं। इसके बाद घाटमपुर पुलिस की मदद से आठ संदिग्धों को सजेती थाने लाया गया। एक साथी का पता नहीं चला। इनके पास से मिले आधार कार्ड से पता चला कि ये लोग दिल्ली और बिहार के हैं। पूछताछ में संदिग्धों ने बताया कि वे लोग 40 दिन की जमात में निकले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान उन्हें मुस्लिम परिवारों में शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना है। इसके पहले उनकी टोली मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद और हमीरपुर में रुकी थी। इन्होंने अपना नाम दिल्ली के जगतपुरी निवासी शाहिद, आदिल, उस्मान, आमिर, राहिल, आमीन, अहमद, अदनान, सफीकुद्दीन, फुजैल और बिहार निवासी शादाब, लियाकत, कासिम व वसीम बताया। इंस्पेक्टर सजेती राकेश कुमार मौर्या ने बताया कि सबके पहचान पत्र की फोटो कॉपी, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां लेकर छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
कानपुर यतीमखाना हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
पीएफआई के गढ़ वाले इलाके के हैं संदिग्ध
आईबी अफसरों का कहना है कि संदिग्धों ने जमात में आने की जानकारी दी है लेकिन वे किस संस्था से जुड़कर वेलफेयर कार्यक्रम कर रहे हैं, इस बारे में कुछ नहीं बता पाए। उनके पास किसी रजिस्टर्ड संस्था का पेपर भी नहीं है। 11 के पास दिल्ली के जगतपुरी का पहचान पत्र मिला है। दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आईबी को जानकारी भेजकर पतों की जानकारी कराई जा रही है। अफसरों का कहना है कि सीएए के विरोध में दिल्ली में हिंसा और उपद्रव करने वाले पीएफआई के ज्यादातर सदस्य जगतपुरी इलाके से ही पकड़े गए हैं। इस इलाके को पीएफआई का गढ़ माना जाता है।
आईबी अफसरों का कहना है कि संदिग्धों ने जमात में आने की जानकारी दी है लेकिन वे किस संस्था से जुड़कर वेलफेयर कार्यक्रम कर रहे हैं, इस बारे में कुछ नहीं बता पाए। उनके पास किसी रजिस्टर्ड संस्था का पेपर भी नहीं है। 11 के पास दिल्ली के जगतपुरी का पहचान पत्र मिला है। दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आईबी को जानकारी भेजकर पतों की जानकारी कराई जा रही है। अफसरों का कहना है कि सीएए के विरोध में दिल्ली में हिंसा और उपद्रव करने वाले पीएफआई के ज्यादातर सदस्य जगतपुरी इलाके से ही पकड़े गए हैं। इस इलाके को पीएफआई का गढ़ माना जाता है।