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B'day: 'नीरज' ने खोले थे प्रेमिका से जुड़े ये राज, कहा-'बाद में एहसास हुआ गलत प्रेम में पड़ा रहा'

Fri, 04 Jan 2019 03:31 PM IST
gaurav gaurav यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: gaurav gaurav Updated Fri, 04 Jan 2019 03:31 PM IST
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Poet Gopaldas neeraj birthday special story
डेमो
अपनी कविताओं और गीतों के जरिए लोगों के दिल में जगह बनाने वाले पद्मभूषण गोपाल दास नीरज का आज जन्मदिन है। 4 जनवरी 1925 को पैदा हुए गोपालदास नीरज हमें बीते साल ही अलविदा कह गए लेकिन वह देह त्यागकर गीत छोड़ गए। गीत जीवन के और गान जीवन की नश्वरता के. नीरज के गीत पीढ़ियों के दिलों की आवाज बने। गोपाल दास नीरज का जन्म यूपी के इटावा जिले के ग्राम पुरावली में हुआ था। मात्र 6 वर्ष की आयु में पिता गुजर गये। 1942 में एटा से हाई स्कूल परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। शुरुआत में इटावा की कचहरी में कुछ समय टाइपिस्ट का काम किया उसके बाद सिनेमाघर की एक दुकान पर नौकरी की।





 
Poet Gopaldas neeraj birthday special story
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‘इतने बदनाम हुए हम तो इस जमाने में, तुमको लग जाएंगी सदियां हमें भुलाने में’। पिछली सदी से लेकर इस सदी तक हिंदी कवि सम्मेलनों के मंच पर सबसे ज्यादा तालियां बटोरने वाले गीतों के राजकुमार पद्मभूषण गोपाल दास नीरज की शख्सियत कुछ ऐसी ही है।
 
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प्रेम और दर्द में लिपटे उनके गीतों ने कई दशक तक श्रोताओं के दिलों पर राज किया। हालांकि ‘नीरज’ बनना इतना आसान नहीं होता। उनके गीतों पर झूमने वाले बहुत से श्रोता भी यह नहीं जानते कि नीरज ने जीवन के अनगिनत झंझावातों केबीच संघर्षं की लंबी गीतमाला को सुरों की साधना से कैसे जीवंत बनाए रखा। 
 
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Poet Gopaldas neeraj birthday special story
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मुफलिसी में पले-बढ़े, पर कविताओं का दामन कभी नहीं छोड़ा। उम्र के इस पड़ाव पर भी काव्यपाठ का उनका उत्साह आज भी बरकरार है। ‘पद्मश्री’ ‘पद्मभूषण’, ‘भारत भारती’, ‘यश भारती’ सहित फिल्म फेयर व लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित नीरज आज हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन अपनी कविताओं और गीतों के माध्यम से वह आज भी जीवित हैं। 
 
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'अमर उजाला' को एक साल पहले दिए एक इंटरव्यू में संघर्ष के दिनों को याद करते हुए नीरज ने बताया था , ‘छह साल का था, जब पिता गुजर गए। फूफाजी हमें एटा ले गए। वह मां को हर महीने 5 रुपये भेजते थे। एक दिन फूफाजी के यहां शादी में चेन चोरी हो गई तो हम पर शक किया गया। 
 
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