कानपुर में सुपाड़ी कारोबारी पारस गुप्ता हत्याकांड की जांच में लापरवाही बरत रही एसआईटी पर पुलिस कमिश्नर सख्त हुए हैं। एसआईटी के अफसरों के साथ बैठकर फटकार लगाते हुए जांच में तेजी के निर्देश दिए हैं। डीसीपी पूर्वी को निर्देशित किया है कि वह केस के विवेचक को तत्काल बदलें।
सीपी का कहना है कि मामले विवेचना तय समय में खत्म करें, जिससे साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना स्पष्ट हो सके। हरबंश मोहाल निवासी पारस गुप्ता 25 मई की रात लापता हुए थे। दूसरे दिन सेंट्रल स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे उनका शव पड़ा मिला था। जीआरपी ने लावारिस में शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतेयष्टि कर दी थी।
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Paras Gupta Murder
- फोटो : अमर उजाला
27 जुलाई को परिजनों को फोरेंसिक विभाग के माध्यम से इसकी जानकारी हुई थी। तब उन्होंने एक मसाला कारोबारी अमित व उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगा केस दर्ज कराया था। परिजनों की मांग पर डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने एसीपी कलक्टरगंज शिखर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
बीते गुरुवार को पारस के परिजनों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर पूरा प्रकरण बताया था। यह भी आरोप लगाया था कि एसआईटी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जिसके बाद सीपी ने एसआईटी को तलब किया। सभी को फटकार लगाई। निर्देशित किया कि साक्ष्यों के आधार पर विवेचना तेजी से करें।
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Paras Gupta Murder
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मामले में जल्द बदेलगा विवेचक
पीड़ित परिवार जो सवाल उठा रहे हैं, उनको विवेचना में शामिल करें। डीसीपी पूर्वी से केस के विवेचक को बदलने का निर्देश दिया है। मुख्य विवेचक हरबंश मोहाल इंस्पेक्टर हैं। जल्द उनकी जगह पर दूसरा विवेचक विवेचना संभालेगा।
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पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड
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केस की विवेचना काफी धीमी थी। इसलिए एसआईटी को निर्देशित किया गया है कि वह उसमें तेजी लाएं। गहनता से छानबीन कर सभी सुबूत जुटाएं। विवेचक बदलने का भी निर्देश दिया गया है। -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर