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पंचायत चुनाव: दहशतगर्द विकास दुबे के गांव बिकरू में 25 साल बाद जनता ने चुना अपने मन का प्रधान
Mon, 03 May 2021 07:32 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 03 May 2021 07:32 AM IST
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बिकरू की नई प्रधान मधु, विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे के कारण चर्चित बिकरू में करीब 25 साल बाद कोई निष्पक्ष रूप से प्रधान बना है। यहां मधु ने 381 वोट हासिल कर प्रधान पद पर कब्जा जमाया है। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बिंद कुमार को 54 वोटों से हराया। इसके पहले विकास दुबे की दहशत और प्रभाव के कारण 1995 से अभी तक कभी निष्पक्ष मतदान नहीं हुआ था।
रिचा दुबे, कुख्यात अपराधी विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
विकास जिसे चाहता था, उसे निर्विरोध चुनाव जितवाता था। बिकरू ग्राम पंचायत में विकास दुबे के रहते किसी ने चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटाई। 1995 में विकास के प्रधान बनने के बाद ग्राम पंचायत विकास की विरासत सी बनकर रह गई थी।
पंचायत चुनाव 2021: बिकरू में 25 साल बाद लोकतंत्र का उदय
- फोटो : अमर उजाला
उसने जिसे चाहा, उसे प्रधान बनाया। 25 वर्षों के दौरान प्रधान कोई भी रहा हो लेकिन अधिकार सारे विकास दुबे के पास रहे। विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ ही उसकी दहशत का भी अंत हुआ और इस बार 10 लोगों ने प्रधानी के लिए दावा किया।
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पंचायत चुनाव 2021: बिकरू में जमकर हुआ था मतदान
- फोटो : अमर उजाला
जनता ने भी अपने-अपने प्रत्याशियों का खुलकर समर्थन किया। मुख्य मुकाबला मधु और बिंद कुमार के बीच रहा। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान मधु का कहना है कि अभी तक गांव में जो भी हुआ उसे भुलाकर पूरी निष्ठा व निष्पक्षता के साथ गांव में विकास कार्य कराएंगी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
दूसरी ओर बिकरू गांव के ठीक बगल में भीठी ग्राम पंचायत में भी हमेशा से ही विकास की ही दखलंदाजी रही। यहां भी इस बार निष्पक्ष चुनाव में रीता देवी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मीरा देवी को 157 वोटों से हराया। बकौल रीता गांव का विकास कराना ही उनकी प्राथमिकता होगी।