उन्नाव जिले में किसी न किसी अपराध के कारण जेल गए लोगों को कारागार विभाग के अधिकारी, कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिला रहे हैं। सलाखों के बाहर आने पर यह नौजवान अपराध नहीं बल्कि रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ेंगे और परिवार का सहारा बनेंगे।
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तीस बंदी ले रहे हैं प्रशिक्षण
वर्तमान में तीस बंदी प्रशिक्षण ले रहे हैं। चार महीने के प्रशिक्षण में बंदियों को कंप्यूटर के बेसिक ज्ञान और जो भी प्रोग्राम सीखना चहाते हैं सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन बंदियों की परीक्षा होगी। सफल होने वालों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
संस्थान में नौकरी या स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे
जेल से छूटने के बाद वह अपने प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के जरिए किसी संस्थान में नौकरी या स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे। जेल अधीक्षक रामशिरोमणि यादव ने बताया कि पहले चरण में कंप्यूटर प्रशिक्षण दिलाने के आदेश हुए हैं। इसके बाद दूसरे चरण का प्रशिक्षण सत्र शुरू होगा।
इच्छुक बंदियों को कौशल विकास दिलाएगा रोजगार
कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेने के बाद जेल से बाहर आने वाले जो बंदी नौकरी की इच्छा जताएंगे उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। कौशल विकास के सहयोगी जो युवाओं को रोजगार दिलाने में सहयोग देने वाली संस्थाएं उनके माध्यम से डाटा इंट्री ऑपरेटर की नौकरी भी दिलाई जाएगी।
कई अन्य ट्रेडों का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
जेल अधीक्षक ने बताया कि पहले चरण में अभी कंप्यूटर प्रशिक्षण का ज्ञान देने के आदेश हैं। उसके बाद बंदी इलेक्ट्रिक, बाइक सर्विसिंग प्लंबरिंग, कारपेंटिंग सहित अन्य ट्रेडों में रुचि दिखाएंगे तो कौशल विकास के माध्यम से वह भी उन्हें सिखाया जाएगा। हालांकि यह शासन का आदेश मिलने के बाद ही संभव हो पाएगा।