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अब फेसबुक पर फॉलोअर की संख्या भी दिला सकती है नौकरी, जानें क्या है खास
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 09 Sep 2018 04:41 PM IST
सार
-जीएचएस-आईएमआर में 5वें अंतरराष्ट्रीय एचआर सम्मेलन में पहुंचे देश और दुनिया के कई दिग्गज
-- ओरेकल के डायरेक्टर एचसीएम ने कंपनियों में रिक्रूटमेंट के नए तरीकों की जानकारी दी
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फेसबुक पर फॉलोअर की संख्या दिला सकती है नौकरी
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विस्तार
फॉलोअर की संख्या से समाज में अापकी लोकप्रियता का पता चलता है। नौकरी में कई बार ऐसे उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है जिसके फॉलोअर ज्यादा होते हैं। फेसबुक के फॉलोअर ज्यादा होने पर आपको नौकरी का भी अवसर प्राप्त हो सकता है। यह जानकारी मल्टीनेशनल कंपनी ओरेकल के निदेशक एचसीएम नीरज नारंग ने दी।
कानपुर स्थित डॉ. गौर हरि सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (जीएचएस-आईएमआर) में शनिवार को 5वीं इंटरनेशनल एचआर समिट ‘ह्यूमन सोर्स-2018’ का आयोजन हुआ। इसमें देश और दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने छात्रों से संवाद किया। समिट में पहुंचे सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की मल्टीनेशनल कंपनी ओरेकल के निदेशक एचसीएम नीरज नारंग ने मल्टीनेशनल कंपनियों के रिक्रूटमेंट प्रॉसेस में आए बदलाव की जानकारी दी। बताया कि नौकरी के लिए आने वाले बायोडाटा की सबसे पहले कंपनी में स्क्रीनिंग की जाती है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका काफी अहम है। फेसबुक पर कैंडीडेट का प्रोफेइल चेक किया जाता है। उसके पोस्ट से उसके विचारों को समझने में मदद मिलती है।
कई बार ऐसे उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है जिसके फॉलोअर ज्यादा होते हैं। ऐसे लोग हमारी कंपनी के ब्रांड के रूप में भी काम करते हैं। नकारात्मक विचार रखने वालों को भी छांट लिया जाता है क्योंकि ऐसे लोग कंपनी के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। नारंग ने बताया कि उम्मीदवार के पास टीम वर्क करने की योग्यता देखी जाती है। इसके पहले मुख्य अतिथि नोवेल एकेडमी नेपाल के चेयरमैन डॉ. बिसेश्वर आचार्य और जीएचएस-आईएमआर के निदेशक प्रो. राकेश प्रेमी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सॉफ्टवेयर बॉक्स लिमिटेड के महाप्रबंधक नवरीत मिशेल मिल्टन, कर्नल मुकुल सक्सेना, डॉ. मोनिका श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। हरकीरत और हर्षिता ने कार्यक्रम का संचालन व देवेंद्र जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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कानपुर स्थित डॉ. गौर हरि सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (जीएचएस-आईएमआर) में शनिवार को 5वीं इंटरनेशनल एचआर समिट ‘ह्यूमन सोर्स-2018’ का आयोजन हुआ। इसमें देश और दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने छात्रों से संवाद किया। समिट में पहुंचे सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की मल्टीनेशनल कंपनी ओरेकल के निदेशक एचसीएम नीरज नारंग ने मल्टीनेशनल कंपनियों के रिक्रूटमेंट प्रॉसेस में आए बदलाव की जानकारी दी। बताया कि नौकरी के लिए आने वाले बायोडाटा की सबसे पहले कंपनी में स्क्रीनिंग की जाती है। इसमें सोशल मीडिया की भूमिका काफी अहम है। फेसबुक पर कैंडीडेट का प्रोफेइल चेक किया जाता है। उसके पोस्ट से उसके विचारों को समझने में मदद मिलती है।
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कई बार ऐसे उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है जिसके फॉलोअर ज्यादा होते हैं। ऐसे लोग हमारी कंपनी के ब्रांड के रूप में भी काम करते हैं। नकारात्मक विचार रखने वालों को भी छांट लिया जाता है क्योंकि ऐसे लोग कंपनी के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। नारंग ने बताया कि उम्मीदवार के पास टीम वर्क करने की योग्यता देखी जाती है। इसके पहले मुख्य अतिथि नोवेल एकेडमी नेपाल के चेयरमैन डॉ. बिसेश्वर आचार्य और जीएचएस-आईएमआर के निदेशक प्रो. राकेश प्रेमी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सॉफ्टवेयर बॉक्स लिमिटेड के महाप्रबंधक नवरीत मिशेल मिल्टन, कर्नल मुकुल सक्सेना, डॉ. मोनिका श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। हरकीरत और हर्षिता ने कार्यक्रम का संचालन व देवेंद्र जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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डेमो पिक
आगे बढ़ने को इनोवेशन जरूरी
डॉ. बिसेश्वर आचार्य ने कहा कि कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए इनोवेशन होना जरूरी है। इसलिए छात्रों को इनोवेटिव आइडिया के साथ कंपनी में शामिल होना चाहिए।
कंपनी कल्चर का ख्याल रखना होगा
ओमान के बुराइमी विश्वविद्यालय की प्रो. प्रभा ने ‘मैनेजिंग मिलेनियल’ विषय पर पैनल चर्चा का संचालन किया। एक छात्रा ने पूछा कि आखिर कंपनियों में खुद की मर्जी से ड्रेस पहनकर आने की इजाजत क्यों नहीं होती। इस पर प्रो. प्रभा और थ्रेड्स इंडिया की एचआर हेड चारू चतुर्वेदी ने कहा कि जिस तरह हर देश और हर समाज का अपना अलग कल्चर होता है, उसी तरह कंपनी के कल्चर का भी सम्मान करना चाहिए। कंपनी में जब आप जॉब करते हैं तो आपके साथ ही उस कंपनी की प्रतिष्ठा भी जुड़ी होती है। पैनल में गैडु कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज के डॉ. शाद अहमद, भारतीय एयरटेल लिमिटेड के एचआर हेड विशाल चौधरी शामिल रहे।
इन्हें किया गया सम्मानित
उम्मीदवार अवॉर्ड
प्रवीण मिश्र ह्यूमन सोर्स यंग लीडर अवॉर्ड 2018
चारू चतुर्वेदी एलुमनाई ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2018
अरविंद कुमार एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड 2018
योगेंद्र नाथ मान टेटेरेन ऑफ दि ईयर अवॉर्ड 2018
नीलिमा सक्सेना बिजनरी ऑफ दि ईयर अवॉर्ड 2018
डॉ. बिसेश्वर आचार्य ने कहा कि कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए इनोवेशन होना जरूरी है। इसलिए छात्रों को इनोवेटिव आइडिया के साथ कंपनी में शामिल होना चाहिए।
कंपनी कल्चर का ख्याल रखना होगा
ओमान के बुराइमी विश्वविद्यालय की प्रो. प्रभा ने ‘मैनेजिंग मिलेनियल’ विषय पर पैनल चर्चा का संचालन किया। एक छात्रा ने पूछा कि आखिर कंपनियों में खुद की मर्जी से ड्रेस पहनकर आने की इजाजत क्यों नहीं होती। इस पर प्रो. प्रभा और थ्रेड्स इंडिया की एचआर हेड चारू चतुर्वेदी ने कहा कि जिस तरह हर देश और हर समाज का अपना अलग कल्चर होता है, उसी तरह कंपनी के कल्चर का भी सम्मान करना चाहिए। कंपनी में जब आप जॉब करते हैं तो आपके साथ ही उस कंपनी की प्रतिष्ठा भी जुड़ी होती है। पैनल में गैडु कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज के डॉ. शाद अहमद, भारतीय एयरटेल लिमिटेड के एचआर हेड विशाल चौधरी शामिल रहे।
इन्हें किया गया सम्मानित
उम्मीदवार अवॉर्ड
प्रवीण मिश्र ह्यूमन सोर्स यंग लीडर अवॉर्ड 2018
चारू चतुर्वेदी एलुमनाई ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2018
अरविंद कुमार एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड 2018
योगेंद्र नाथ मान टेटेरेन ऑफ दि ईयर अवॉर्ड 2018
नीलिमा सक्सेना बिजनरी ऑफ दि ईयर अवॉर्ड 2018