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‘ब्राह्मण हैं तो क्या हुआ देश के लिए सफाई करना कोई शर्म नहीं’

Tue, 27 Dec 2016 03:03 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 27 Dec 2016 03:03 PM IST
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Municipal sweeper recruitment in kanpur
कानपुर में सफाई कर्मचारी की भर्ती देने आये लोग - फोटो : अमर उजाला
सरकारी नौकरी की चाह में सफाई कर्मचारी बनने आए अभ्यर्थियों के उत्साह को न तो सर्द मौसम ठंडा कर सका और न गंदगी। सोमवार को कानपुर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती में पहुंचे अभ्यर्थियों ने नाले के ठंडे पानी में उतरकर सफाई की। दक्षता परीक्षण के दौरान अभ्यर्थियों से नाला-नाली साफ कराए गए और झाड़ू लगवाई गई। निगम के सभी छह जोन में मंगलवार को भी सुबह 10 बजे से साक्षात्कार और दक्षता परीक्षण जारी रहेगा। 

बच्चों की खातिर चाहिए नौकरी

Municipal sweeper recruitment in kanpur
कानपुर में सफाई कर्मचारी की भर्ती देने आये लोग - फोटो : अमर उजाला
बर्रा-दो की ममता तिवारी बच्चों की खातिर सफाईकर्मी की नौकरी मांगने आई थीं। आठवीं पास ममता ने बताया कि उसके पति मानसिक रोगी है। तीन बच्चे हैं। अभी तक बच्चों के नाना किसी तरह से पढ़ाई और खाने का खर्च दे रहे हैं। किसी तरह का काम करने में शर्म नहीं आनी चाहिए। 

 

पति को झाड़ू लगाते देख बिलख पड़ी पत्नी

Municipal sweeper recruitment in kanpur
कानपुर में सफाई कर्मचारी की भर्ती देने आये लोग - फोटो : अमर उजाला
मुफलिसी के दिन झेल रहीं अंबेडकर नगर निवासी दीपा चौहान ने पति विक्रम सिंह चौहान को मोतीझील ग्राउंड में झाडू लगाते देखा तो वह खुद को रोक नहीं सकीं और फफक कर रोने लगी। दीपा ने बताया कि मौजूदा समय में पति और वह खुद दादानगर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर का खर्च और मकान का किराया देना भी मुश्किल हो रहा है। पति सफाईकर्मी बनने को तैयार हैं।
 
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कंधे पर बंदूक की जगह झाड़ू

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कानपुर में सफाई कर्मचारी की भर्ती देने आये लोग - फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर के मुजहरा कला गांव में रहने वाले सरस कुमार दुबे (26) की सेना में जाने की तमन्ना थी। सरस ने बताया कि सेना में भर्ती होने के लिए तीन बार फिजिकल और लिखित परीक्षा पास करके फाइनल राउंड मेडिकल में पहुंच गए, लेकिन पैर के तलुए सपाट होने के चलते हर बार अनफिट कर दिए गए। ब्राह्मण हैं तो क्या हुआ देश के लिए सफाई करना कोई शर्म की बात नहीं है। 
 
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उत्साह से काम करूंगा

Municipal sweeper recruitment in kanpur
कानपुर में सफाई कर्मचारी की भर्ती देने आये लोग - फोटो : अमर उजाला
जितेंद्र तिवारी ने कहा कि सफाई करना कोई बुरा काम नहीं हैं। कहीं रोजगार नहीं मिला तो इस नौकरी के लिए आवेदन कर दिया है। नौकरी मिली तो भी इसी उत्साह के साथ काम करूंगा। सफाई के काम को किसी खास जाति या धर्म से जोड़ना उचित नहीं है।
 
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