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...तो भैया इसलिए हार गई मुलायम की बहुरिया
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 14 Mar 2017 10:48 AM IST
सार
- व्हट्सएप, फेसबुक, ट्विटर पर खूब चले मैसेज, इमेज
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अपर्णा यादव (फाइल फोटो)
विस्तार
यूपी में दो एक्स सीएम के फैक्टर में एक बहुरिया चुनावी लड़ाई हार गई। कोशिश तो खूब की जीतने की मगर किस्मत ने साथ ही नहीं दिया। इस बहुरिया का यह पहला चुनाव था...
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अपने पहले पॉलिटिकल डेब्यू में फेल हो गई बहुरिया
मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव (फाइल फोटो)
यादव फैमिली की छोटी बहू अपर्णा यादव पॉलिटिकल डेब्यू में फेल हो गई हैं। जबकि खुद मुलायम सिंह यादव ने इनके लिए इमोशनल सिफारिश की थी। इसके बावजूद उनकी बहू लखनऊ कैंट सीट हार गई।
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इन वजहों से हार गई मुलायम की छोटी बहू...
मुलायम सिंह का बेटा प्रतीक यादव और बहु अपर्णा यादव
उन्हें कांग्रेस से बीजेपी में आईं रीता बहुगुणा जोशी ने 33,796 वोटों से हराया। रीता को 95402 वोट मिले, वहीं उनकी अपोनेंट और सपा परिवार की छोटी बहू अपर्णा यादव 61,606 वोट जुटा पाई हैं।
अपर्णा ने चुनाव से पहले आरक्षण पर बयान दिया था जिसके चलते मुस्लिम वोटर नाराज हो गया था।
अपर्णा ने चुनाव से पहले आरक्षण पर बयान दिया था जिसके चलते मुस्लिम वोटर नाराज हो गया था।
ससुर और जेठ का झगड़ा आया आढ़े
अपर्णा यादव ( फाइल फोटो)
अपर्णा की हार का दूसरा बड़ा कारण ससुर और जेठ का झगड़ा बताया जा रहा है।
वीअाईपी इमेज बनी परेशानी
अपर्णा यादव (फाइल फोटो)
ये भी कहा जा रहा है कि इस चुनाव में अपर्णा के आढ़े उनकी वीअाईपी इमेज आती रही जिसके चलते वे खुलकर कैंपेनिंग नहीं कर पाई।
रीता की जीत का कारण
रीता बहुगुणा जोशी (फाइल फोटो)
कैंट बीजेपी का गढ माना जाता है। 1991 से 2007 तक यहां पर बीजेपी का ही कब्जा रहा। इसका फायदा यहीं से सिटिंग MLA रीता को मिला।
रीता बहुगुणा जोशी सिटिंग MLA थीं। अपने क्षेत्र में काफी सक्रिय रहीं, जिसका फायदा इन्हें मिला। 2012 में रीता के विरोधी रहे बीजेपी नेता सुरेश तिवारी इनके सपोर्टर के रूप में उतरे।
रीता बहुगुणा जोशी सिटिंग MLA थीं। अपने क्षेत्र में काफी सक्रिय रहीं, जिसका फायदा इन्हें मिला। 2012 में रीता के विरोधी रहे बीजेपी नेता सुरेश तिवारी इनके सपोर्टर के रूप में उतरे।
सिंधी रहे रीता से प्रभावित
रीता को पुष्पगुच्छ देते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह
कैंपेनिंग से इन्हें फायदा हुआ। ब्राह्मणों का वोट इनके फेवर में गया। सिंधी भी इनसे प्रभावित नजर आए। इस एरिया में 80 हजार से ज्यादा बाह्मण और 5 हजार से ज्यादा सिंधी वोटर्स हैं। रीता उत्तराखंड से ताल्लुक रखती हैं। इसका फायदा भी रीता को मिला। एरिया के 20-30 हजार के बीच पहाड़ी लोगों का समथर्न मिला है।
पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी है रीता
डेमो पिक
रीता बहुगुणा पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी है। रीता ने 1981 में इलाहबाद यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी की। इनके पास 2.11 करोड़ की कुल संपत्ति है। इनके पास 22 लाख के बैंक बैलेंस समेत 3.24 लाख की ज्वैलरी है। वहीं अचल सम्पत्ति के रूप में इनके पास एक घर और ऑफिस है। जिनकी कीमत क्रमश: 1.5 करोड़ व 20 लाख है।