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पीएफआई के कानपुर में 50 से अधिक सदस्य, पांच हुए थे गिरफ्तार, पुलिस व खुफिया कर रही जांच

Mon, 03 Feb 2020 08:42 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 03 Feb 2020 08:42 AM IST
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More than 50 members of PFI in Kanpur
कानपुर में फिर से हिंसा फैलाने की थी साजिश - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में हुई हिंसा में गिरफ्तार पांचों आरोपी छह महीने पहले पीएफआई से जुड़े। शहर में अब 50 से अधिक सदस्य हैं।  आशंका है कि ये सभी हिंसा में शामिल रहे हैं। इन सभी का विवरण पुलिस और खुफिया विभाग जुटा रही है। जल्द ही पुलिस बड़ी कार्रवाई कर सकती है।


 
More than 50 members of PFI in Kanpur
पुलिस व खुफिया कर रही पीएफआई के सदस्यों से पूछताछ - फोटो : अमर उजाला
सीएए के विरोध में हिंसा फैलाने के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने पीएफआई के सदस्यों मोहम्म्द उमर, सैयद अब्दुल हई हाशमी, फैजान मुमताज, मोहम्मद वासिफ व सरवर आलम को गिरफ्तार किया था। सर्विलांस टीम ने पांचों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली।

 
More than 50 members of PFI in Kanpur
पुलिस की गिरफ्त में पीएफआई के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
पता चला कि छह महीने पहले सैयद अब्दुल हई हाशमी और मोहम्मद उमर पीएफआई से जुड़े थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से ये आक्रोशित थे। सोशल मीडिया के जरिये पीएफआई से संपर्क कर पदाधिकारियों के साथ लखनऊ में मुलाकात की। इन दोनों ने फैजान, मोहम्मद वासिफ व सरवर आलम को भी पीएफआई से जोड़ा।

 
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More than 50 members of PFI in Kanpur
कानपुर में हिंसा की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
मौलाना है मुखिया 
एसआईटी के मुताबिक मौलाना अब्दुल हई हाशमी कानपुर पीएफआई का मुखिया है। वह पहले मदरसों में पढ़ाता था। इसलिए उसे युवाओं का माइंड वॉश करने का काम सौंपा गया था। यही नहीं कानपुर समेत बुंदेलखंड के एक हजार युवाओं को पीएफआई से जोड़ने का टारगेट मौलाना को दिया गया था। इसी दिशा में वह तेजी से लगा था। वह जिसे भड़काता था, उसे भेजे गए वीडियो का हवाला देकर बताता था कि मुस्लिमों के साथ अत्याचार हो रहा है।

 
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More than 50 members of PFI in Kanpur
कानपुर में भड़की हिंसा - फोटो : अमर उजाला
20 खातों में भेजी गई रकम
एसआईटी व एटीएस पांचों आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शहर के बीस खातों में रकम भेजी है। रकम नवंबर और दिसंबर में ट्रांसफर की गई है। आशंका है कि ये वही लोग हैं जो हिंसा में शामिल थे, जिनको पीएफआई के सदस्यों ने फंडिंग की। हालांकि अभी तक पुलिस अधिकारियों की तरफ से फंडिंग को लेकर पुख्ता जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही अधिकारी इसकी पुष्टि करेंगे।
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