उन्नाव जिले के सैदापुर में मकान बनाने के लिए नींव की खुदाई के दौरान मुगल कालीन चांदी के सिक्कों से भरी मटकी निकली। कुल 96 सिक्कों का छह भाइयों ने आपस में बंटवारा कर लिया। एसडीएम ने सिक्कों को सरकारी मालखाने में रखवाने को कहा है।
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उन्नाव: खुदाई के दौरान मिले सिक्के
- फोटो : अमर उजाला
एक भाई ने पुलिस को 16 सिक्के दे दिए हैं। पांच भाई कानपुुर में रहते हैं। उनसे भी सिक्के देने को कहा गया है। ग्राम गोशाप्रयागपुर के मजरा सैदापुर में दिनेश कुमार दीक्षित को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास बनाने के लिए पहली किस्त मिली है। पक्केआवास के लिए उसने अपने पुराने कच्चे मकान को ढहा दिया है।
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उन्नाव: खुदाई के दौरान मिले सिक्के
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सोमवार को नींव की खुदाई के दौरान दिनेश को एक मटकी मिली। फावड़ा लगने से मटकी टूट गई और उसमें चांदी के सिक्के मिले। मटकी में कुल 96 सिक्के मिले। जानकारी पर कानपुर में रह रहे उसके भाई विनोद, बृजेश, अरुण, राकेश और राजीव पैतृक गांव आ पहुंचे। सभी छह भाइयों ने आपस में 16-16 सिक्के बांट ले लिए। कानपुर में रहने वाले पांचों भाई सिक्के लेकर चले गए।
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उन्नाव: खुदाई के दौरान मिले सिक्के
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मंगलवार को बांगरमऊ कोतवाली पुलिस को जानकारी मिली। पुलिस ने इसे सरकारी व पुरातत्व विभाग की संपत्ति बताकर सिक्के सरकारी मालखाने में जमा कराने को कहा। गांव में रहने वाले दिनेश ने सभी 16 सिक्के पुलिस को दे दिए। पांच अन्य भाइयों को पुलिस ने फोन करके बुलवाया है। एक सिक्का दस ग्राम का बताया गया है। इस तरह सभी 96 सिक्कों का वजन लगभग एक किलो है। एसडीएम दिनेश कुमार ने जमीन से निकले सिक्कों को जब्त करने को कहा है।
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उन्नाव: बांगरमऊ कोतवाली
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बांगरमऊ सीओ एके राय ने बताया कि कानपुर में रहने वाले भाइयों ने भी आकर सिक्के देने को कहा है। पुलिस के अनुसार यह सिक्के मुगलकालीन लग रहे हैं। सभी पर उर्दू में सन 1232 और 1238 लिखा हुआ है। पुरातत्व विभाग की जांच में ही इन सिक्कों की पूरी सच्चाई सामने आएगी।