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मां की गोद में तीन साल की दामिनी ने भी किया संघर्ष, बेटी को लेकर दिल्ली से 60 किमी पैदल किया सफर

Mon, 30 Mar 2020 06:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 30 Mar 2020 06:00 PM IST
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lockdown in up: Three-year-old Damini also struggled in her mother's lap during travelling
मां की गोद में दामिनी गांव पहुंचने पर हुई थर्मल स्क्रीनिंग - फोटो : amar ujala
लॉकडाउन के बाद जल्द घर उन्नाव के रऊ गांव पहुंचने के लिए दिल्ली में रहने वाली रोशनी अपनी तीन साल की बेटी दामिनी को लेकर पैदल ही निकल पड़ी। करीब 60 किमी तक पैदल भी चलना पड़ा। इस दौरान मासूम बेटी कभी मां की गोद तो कभी पैदल चलकर संघर्ष करती रही। मां-बेटी की बेबसी देख गांव के 10 अन्य लोगों ने भी उनकी मदद की।

 
lockdown in up: Three-year-old Damini also struggled in her mother's lap during travelling
मां की गोद में दामिनी - फोटो : amar ujala
हालांकि बाद में सवारी साधन मिलने पर खचाखच भीड़ के बीच बैठकर उन्नाव तक पहुंची। माखी के रऊ डीहा गांव निवासी गुड्डू अपनी पत्नी रोशनी, सास जनाका व ससुर तिवारी के साथ दिल्ली में बिजली के तार बनाने वाली फैक्टरी में काम करता है। दो माह पहले पिता रामनाथ की मौत पर गुड्डू घर आ गया, जबकि पत्नी समेत अन्य परिजन वहीं रुके रहे।

 
lockdown in up: Three-year-old Damini also struggled in her mother's lap during travelling
उन्नव में पुलिस ने हाईवे पर पैदल सफर करने वाले यात्रियों को खिलाया खाना - फोटो : amar ujala
लॉक डाउन के बाद 26 मार्च को गुड्डू की पत्नी रोशनी अपनी तीन साल की बच्ची दामिनी व अपनी मां, पिता और गांव के 10 अन्य लोगों के साथ घर जाने के लिए पैदल निकल पड़ी। गाजियाबाद से लालकुंआ तक लगभग 60 किमी की दूरी पैदल तय की। इसके बाद उसे बस मिल गई और वह उन्नाव के बाईपास तिराहा पर तीसरे दिन 28 मार्च की रात 2 बजे उतरी। यहां से पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर उसे घर पहुंचाया।

 
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lockdown in up: Three-year-old Damini also struggled in her mother's lap during travelling
देर रात बसों में भर कर पहुंचे थे यात्री - फोटो : amar ujala
साइकिल रिक्शा लेकर दिल्ली से बिहार जा रहे युवक
बिहार प्रांत के बेगूसरांय थाना क्षेत्र खड़रिया गांव निवासी कुंदन, शिवकुमार, सुरेश, धर्मेंद्र और राजकुमार दिल्ली में सब्जी की पल्लेदारी करते हैं। लॉक डाउन के बाद 27 मार्च को सभी तीन रिक्शा लेकर दिल्ली से बिहार को निकले। 29 मार्च रविवार को सभी उन्नाव के हसनगंज कस्बा पहुंचे। सभी ने बताया कि बांगरमऊ तक एक्सप्रेसवे के रास्ते फिर पुलिस के डर से बांगरमऊ के पास कट से उतरकर हसनगंज के लिए चले। बताया कि 200 किमी तक खाने पीने के लिए रास्ते में कुछ नहीं मिला। बताया कि वह लगभग 600 किमी का सफर तय कर चुके हैं। लगभग 500 किमी का सफर और तय करना है।

 
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मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी यात्रियों की कराई थर्मल स्क्रीनिंग - फोटो : amar ujala
पानी पिलाकर शांत की दुधमुंहे की भूख, पुलिस दूध का डिब्बा लेकर पहुंची
शहर के मोहल्ला कांशीराम निवासी अंजली ने शनिवार सुबह पुलिस को सूचना दी कि उसका दुधमुंहा बच्चा भूखा है। रात में दूध खत्म होने पर उसे पानी पिलाया। महिला की पीड़ा सुन चौकी प्रभारी कांशीराम अखिलेश तिवारी तुंरत दूध का डिब्बा लेकर पहुंचे और महिला को दिया।
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