कुमार का दर्द-ए-सियासत तो शिवपाल के "चार वार", जानिए इस बार कौन है निशाने पर
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कवि सम्मेलन में मौजूद सपा नेता व विधायक शिवपाल सिंह को खिताब करते हुए उन्होंने कि वह और शिवपाल अपनी पार्टी के आडवाणी हो गए हैं। समाजवादी पार्टी में लंबे अर्से से हाशिए पर चल रहे शिवपाल यादव अक्सर अपने दिल का दर्द बयां कर देते हैं। इस बार शिवपाल ने नाम तो किसी का नहीं लिया पर बात ऐसी कही जो...
उन्होने कहा कि जो अपने बड़ों का सम्मान नहीं करता वह आगे नहीं बढ़ता। शिवपाल के शब्दभेदी तीर यहीं नहीं रुके.
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को विरासत में सब कुछ मिल जाता है। उन्होंने पुराने दौर के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि 91-92 के दौर में जब हम सत्ता में नहीं थे जब पार्टी की शुरूआत थी।
सत्ताधारी पार्टियां हम पर झूठे आरोप लगा कर समाजवादी पार्टी और हमारे आंदोलन को कुचल देना चाहती थी। हमारे उस दौर के संघर्ष को आज भुला दिया गया है।