इस बार दिसंबर के रात और दिन दोनों ठंडे रहे हैं। दिसंबर का औसत न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री है और इस बार दिसंबर का औसत तापमान 7.5 डिग्री दर्ज किया गया। इस तरह एक डिग्री तापमान कम रहा है। इसी तरह अधिकतम औसत तापमान 23.1 डिग्री है और इस बार अधिकतम औसत तापमान 21.4 डिग्री रहा है। अधिकतम तापमान में भी 1.7 डिग्री की गिरावट आई है।
सीएसए की मौसम वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019 के बाद इतना कम औसत अधिकतम तापमान इस सीजन में रिकाॅर्ड किया गया। वर्ष 2019 में 18.8 डिग्री औसत अधिकतम तापमान रिकाॅर्ड किया गया था। छह साल के बाद दिन के पारे ने फिर गोता लगाया। वहीं न्यूनतम तापमान ने 10 साल के बाद रिकाॅर्ड बनाया है। वर्ष 2015 में औसत न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। उसके बाद इस सीजन में 7.5 डिग्री रिकाॅर्ड हुआ है।
2 of 4
Kanpur Weather Update
- फोटो : amar ujala
धुंध और कोहरे के मौसम में सन शाइन आवर घट जाते हैं
सीएसए के तकनीकी मौसम अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इस सीजन में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसमी गतिविधियां बनी रहीं। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी बराबर आते रहे। इसकी वजह से दिसंबर के औसत तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वेधशाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिसंबर में प्रतिदिन औसत दो घंटे दो मिनट धूप निकली। वर्ष 2024 में यह औसत तीन घंटे आठ मिनट रहा है। वर्ष 2023 में शनसाइन आवर शून्य रहा है। उन्होंने बताया कि बादल छाए रहने, धुंध और कोहरे के मौसम में सन शाइन आवर घट जाते हैं।
3 of 4
kanpur weather update
- फोटो : amar ujala
एक घंटा देर से आई मुंबई की फ्लाइट
कोहरे और धुंध ढूंढ के कारण लगातार फ्लाइट में देरी की समस्या हो रही है। गुरुवार को मुंबई की फ्लाइट एक घंटे 10 मिनट की देरी से चकेरी एयरपोर्ट पहुंची। वहीं, दिल्ली और बेंगलुरु की फ्लाइट दो मिनट पहले 12:48 बजे आई। मुंबई की फ्लाइट एक घंटा 10 मिनट देर से 3:45 बजे कानपुर पहुंची। 4:14 मिनट पर कानपुर से मुंबई के लिए उड़ान भरी। 120 यात्री कानपुर आए और 182 यात्री मुंबई गए। ऐसे ही दिल्ली की फ्लाइट अपने तय समय से तीन मिनट पहले 1:57 मिनट पर कानपुर आई।
4 of 4
kanpur weather update
- फोटो : amar ujala
सीएसए के विज्ञानी ने एडवाइजरी जारी की
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र दिलीपनगर के विज्ञानी डॉ. खलील खान ने फसलों को बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। डॉ. खान ने बताया कि बदलते तापमान व कोहरे से फसलों में कीट व रोगों का खतरा हो सकता हैं। किसान गेहूं की बोआई के 20-30 दिन के बीच पहली सिंचाई के बाद पौधों में जिंक की कमी के लक्षण दिखें, तो पांच किग्रा जिंक सल्फेट तथा 16 किग्रा यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। खेत में जगह-जगह सूखी घास के छोटे-छोटे ढेर को रख देने से दिन में कटुआ कीट की सूड़िया छिप जाती है। इसे सुबह एकत्र कर नष्ट कर देना चाहिए। टमाटर, मिर्च फसल में विषाणु रोग का प्रकोप अधिक हो, तो इसका फैलाव राेकने के लिए डाईमिथोएट या इमिडाक्लोप्रिड एक मिली को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।