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अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने दिलवाई थी तीस लाख फिरौती, फिर भी नहीं बची युवक की जान, दोस्तों ने की हत्या

Fri, 24 Jul 2020 09:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 24 Jul 2020 09:58 AM IST
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kanpur kidnapping case: police could not save after gave even 30 lakh ransom for the kidnappers
kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
कानपुर की एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस 32 दिनों में एक अपहरण का मामला नहीं सुलझा सकी। पुलिस ने परिजनों से तीस लाख की फिरौती भी दिलवा दी पर उन्हें बेटा नहीं मिला। इसके बाद पुलिस पूरे मामले को टरकाती रही आखिर में जब खुलासा हुआ तो पता चला कि दोस्तों ने रूपयों के लिए अपहरण कर हत्या कर दी और लाश नदी में फेंक दी।



 
kanpur kidnapping case: police could not save after gave even 30 lakh ransom for the kidnappers
kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर  किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी।


 
kanpur kidnapping case: police could not save after gave even 30 lakh ransom for the kidnappers
kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया।

 
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kanpur kidnapping case: police could not save after gave even 30 lakh ransom for the kidnappers
kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया। तीन दिन बाद 29 जून की शाम को संजीत के पिता चमन सिंह यादव को फोन कर फिरौती मांगी गई। परिजनों ने पुलिस के कहने पर मकान, जेवर बादि बेचकर जैसे तैसे 30 लाख रुपयों की व्यवस्था की और 13 जुलाई को अपहर्ताओं के सौंप दिए लेकिन पुलिस अपहर्ताओं को नहीं पकड़ पाई और वे 30 लाख लेकर भाग गए।
 
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kanpur kidnapping case: police could not save after gave even 30 lakh ransom for the kidnappers
kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि संजीत की उसके दोस्तों ने ही अपहरण के बाद हत्या कर दी। मुख्य आरोपी समेत चार पकड़े गए हैं। पूछताछ में उन्होंने घटना कबूली है और शव पांडु नदी में फेंकने की जानकारी दी है। इस पर शव की तलाश के लिए पीएसी के गोताखोर लगाए गए हैं। देररात तक सर्च चलती रही। हत्या अपहरण के चार दिन बाद कर दी गई थी। फिरौती की कॉल हत्या के बाद की गई।
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