कानपुर आवास आयुक्त बलकार सिंह और विशेष सचिव आवास एवं शहरी नियोजन राजेश राय ने बुधवार को डॉ. बृज किशोरी दुबे मेमोरियल स्कूल से सटे पार्क में जांच के लिए पहुंचते ही अफसरों से पूछा कि पार्क में पक्का बास्केटबाल कोर्ट कैसे बन गया...अफसर इसका जवाब नहीं दे पाए।
उन्होंने आधा घंटा तक स्कूल, सत्संग भवन सहित आसपास के अन्य निर्माण देखे। मौके पर ही साकेतनगर योजना का ले-आउट देखकर केडीए उपाध्यक्ष, सचिव सहित अन्य अफसरों से इनके आवंटन, निर्माण, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से संबंधित सवाल पूछे। फोटो भी खींची।
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साकेत नगर में डॉ. ब्रिज किशोरी दुबे मेमोरियल स्कूल को देखते आवास आयुक्त बलकार सिंह, केडीए वीसी मदन स
- फोटो : amar ujala
कमेटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए थे
सौरभ भदौरिया ने साकेतनगर के भूखंड संख्या- 559 स्थित 1.1 एकड़ के पार्क में डॉ. बृज किशोरी दुबे मेमोरियल स्मारक स्कूल सहित अन्य कब्जे होने का आरोप लगाया। इसे अखिलेश दुबे से संबंधित बताया। उनकी याचिका पर हाईकोर्ट में शासन से कमेटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए।
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साकेत नगर में डॉ ब्रिज किशोरी दुबे मेमोरियल स्कूल से सटे आवास की जांच करती टीम
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अफसरों ने लखनऊ जाकर इससे संबंधित कागज सौंपे थे
रिपोर्ट भी तलब की। इस पर शासन ने आवास आयुक्त की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के विशेष सचिव राजेश राय शामिल हैं। 10 दिन पहले केडीए के विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ला, मुख्य नगर नियोजक मनोज कुमार, मुख्य अभियंता आरआरपी सिंह, जोन-3 के प्रवर्तन प्रभारी अतुल राय सहित अन्य अफसरों ने लखनऊ जाकर इससे संबंधित कागज सौंपे थे।
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डॉ. ब्रिज किशोरी दुबे मेमोरियल स्कूल से सटे आवास की जांच करने के दौरान गंदगी देकर नाराज हुए अधिकारी
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टीम ने पार्क का निरीक्षण किया
उनके सवालों के जवाब भी दिए थे। यह कमेटी बुधवार को मौके पर जांच करने आई। दोपहर में यह कमेटी इस पार्क में पहुंची। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल, सचिव अभय कुमार पांडेय, मुख्य नगर नियोजक मनोज कुमार, मुख्य अभियंता आरआरपी सिंह आदि के साथ पार्क का निरीक्षण किया।
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डॉ. ब्रिज किशोरी दुबे मेमोरियल स्कूल से सटे पार्क की जांच करते अधिकारी
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साम्बाखिलेश्वर आशुतोष धाम को गेट खुलवाकर देखा
स्थलीय निरीक्षण के दौरान पार्क में पक्का बास्केटबाल कोर्ट देख इस बारे में सवाल किया। कहा कि पार्क में यह नहीं बनना चाहिए। इससे सटे स्कूल की जमीन आवंटन, निर्माण के बारे में पूछा। इसके बाद पार्क के आसपास बने साम्बाखिलेश्वर आशुतोष धाम को गेट खुलवाकर देखा।