कानपुर की फूलबाग मंडी में रक्षा इकाई के पास छोटू की दुकान में आग लगने के बाद वहां रखे फ्रिज के कंप्रेशर के विस्फोट होने से आग बढ़ गई। इस बीच फास्टफूड की दुकानों में रखे सिलिंडरों में विस्फोट होने लगे और आग विकराल होती गई। करीब 50 मिनट में सभी दुकानें आग की चपेट में आ गईं।
जिन दुकानदारों का सब कुछ जलकर बर्बाद हो गया वे रातभर सो नहीं सके। आंखों के सामने आग का दर्दनाक मंजर देखने के बाद नुकसान के बारे में ही सोचते रहे। दुकानदारों ने घटनास्थल के सामने पेपर, कपड़ा बिछाकर रात काटी। किसी तरह से बच्चों के लिए खाने की व्यवस्था की। कहा कि समझ नहीं आ रहा है कि जिंदगी कैसे काटेंगे। वे जिलाधिकारी से मुआवजे की मांग करेंगे।
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kanpur fire accident
- फोटो : Amar ujala
कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष सिद्धार्थ काशीवार का कहना था कि अग्निकांड के वीडियो सोशल मीडिया पर जिसने देखे उसके रोंगटे खड़े हो गए। अग्निकांड से कई परिवार पूरी तरह तबाह हो गए हैं। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी कोई बड़ा अधिकारी माैके पर नहीं आया। व्यापारियों को मुआवजा दिलाने में न्याय संघर्ष समिति सहयोग करेगी।
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तारों में स्पार्किंग के बाद दुकान में रखे फ्रिज के कंप्रेशर फटने से आग भड़क गई। अन्य दुकानों में रखे पांच सिलिंडर भी एक-एक कर फटने लगे। आग ने 30-35 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं है। -दीपक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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अफसरों की उदासीनता से रोटी को मोहताज हुए दुकानदार
फूलबाग फलमंडी में सोमवार शाम भीषण अग्निकांड हुआ। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने इस घटना के लिए नगर निगम और केस्को को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही से यह बड़ा हादसा हुआ। दुकानदार अब रोटी को मोहताज हो गए हैं। विधायक ने बताया कि पहले ठेले लगाने वाले दुकानदारों को फेरी नीति के तहत जगह मिली थी। स्मार्ट सिटी विकास के नाम पर उन्हें वहां से हटा दिया गया। बाद में कुछ दुकानदारों को दो बाई दो का सेट बनाकर दिया गया।
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दमकल करीब आधा घंटे देर से पहुंची
मंडी के ऊपर से हाइटेंशन लाइन गुजरती है। पूर्व में दुकानदारों ने अधिकारियों को सन्नाटे और जगह की असुरक्षा का हवाला दिया था, लेकिन अफसरों ने बात नहीं मानी। नगर निगम और केस्को की लापरवाही के चलते यह बड़ा अग्निकांड हुआ। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी दमकल करीब आधा घंटे देर से पहुंची। दुकानदारों का कहना था कि यदि रक्षा इकाई की गाड़ी समय पर आग न बुझाती, तो आग और विकराल हो सकती थी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि सूचना मिलते ही गाड़ियों को तत्काल मौके पर भेजा गया।