उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की मां भाई दीपू के साथ लखनऊ के कृष्णानगर स्थित आवास में रहती हैं। विकास की तलाश में जब पुलिस ने वहां दबिश दी तो उसकी मां सरला दुबे मिलीं।
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विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने जब उनसे बात की तो हैरान करने वाला सच सामने आया। सरला दुबे ने कहा कि उनका बेटा अपराधी है। उसे बहुत समझाया कि यह रास्ता छोड़ दो लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। उसने जो किया है उसके लिए मौत की सजा भी कम है। वो आतंकवादी है। उसे मार देना चाहिए। यह बोल वो फूटफूट कर रोने लगीं।
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आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद
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उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पहले उनकी विकास से मुलाकात हुई थी। वह अपने पत्नी व बच्चों के साथ दूसरे घर में रहता है। वह बीमार रहती हैं। उन्हें इस बात का दुख है कि बेटे की वजह से उनके पूरे परिवार की बदनामी होती है। मां सरला ने कहा कि घर का एक लड़का भी खराब निकल जाये तो पूरे परिवार का सत्यानाश हो जाता है। उनके परिवार के साथ भी ऐसा ही हो रहा है।
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विकास का घर जहां मारे गए पुलिसकर्मी, जांच कर निकलते एडीजी एलओ
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विकास की मां सरला दुबे ने बताया कि वो काफी समय से विकास के साथ नहीं रह रही हैं। उन्होंने बताया कि घुटने के इलाज के बाद वो दूसरे बेटे दीप प्रकाश के साथ ही रहती हैं। सरला दुबे ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद विकास उन्हें कभी देखने तक नहीं आया।
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विकास दुबे
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जेल से छूटने के बाद से ही विकास से उनका कोई संपर्क नहीं है। विकास की मां ने बातचीत में बताया कि विकास राजनीतिक वर्चस्व के लिए अपराध के रास्ते पर चला गया। विकास दुबे विधायक बनना चाहता था। उन्होंने बताया कि विकास के साथ गांव के कई लड़के साथ में रखता हैं।