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जय बाजपेयी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, जब बिकरू में चली थी गोलियां उस काली रात हुआ था कुछ ऐसा
Mon, 20 Jul 2020 05:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 20 Jul 2020 05:35 PM IST
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की मौत के बाद सोमवार को उसके खजांची जय बाजपेयी को गिरफ्तार कर कानपुर देहात की माती जेल भेज दिया गया है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही थी और दिन में ही छोड़ा गया था लेकिन रात को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। जय बाजपेयी का साथी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू भी धरा गया है।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि ये दोनों घटना के दिन 2 जुलाई की शाम को बिकरू गांव गए थे। विकास को पैसे, असलाह और भागने के लिए गाड़ी मुहैया करवाई। जय फोन अपने घर पर ही रखकर गया था ताकि ट्रेस न हो पाए। विकास दुबे की पत्नी और बेटे को फरार कराने में कारोबारी जय बाजपेयी की भूमिका सामने आ रही है। आशंका है कि जय ने गाड़ी उपलब्ध करवाकर दोनों को लखनऊ से चंदौली पहुंचाया। एसटीएफ की पूछताछ में इस संबंध में अहम जानकारी व साक्ष्य मिले हैं। एसटीएफ की चार दिन से पूछताछ जारी है। विकास को असलहा मुहैया कराने में भी कारोबारी की संलिप्तता सामने आ रही है।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार रात जय की तीन लग्जरी कारें लावारिस हालत में विजय नगर चौराहे के पास खड़ी मिली थीं। रविवार सुबह पुलिस गाड़ियां थाने ले आई थी और फिर जय को पूछताछ के लिए बुलाया था। पुलिस के बाद एसटीएफ ने उससे पूछताछ शुरू की है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक विकास ने एनकाउंटर से पहले जय से फोन पर बातचीत की थी। इसमें विकास ने उसे बताया था कि कोई बड़ी घटना होने वाली है। वो लखनऊ में रहने वाली उसकी पत्नी ऋचा दुबे और बेटे को सुरक्षित जगह पहुंचवा दे। आशंका है कि विकास के बताए ठिकाने पर उसकी पत्नी और बेटे को पहुंचाया, इसके बाद लौट आया। अब एसटीएफ यह गुत्थी सुलझाने में लगी है कि आखिर कारें लावारिस हालत में बगैर नंबर के क्यों खड़ी की गईं।
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- फोटो : amar ujala
विकास को भी लखनऊ पहुंचाया
पूछताछ में एक तथ्य ये भी सामने आया है कि विकास शिवली से बाइक से कानपुर की तरफ आया। यहां पर जय ने उसके लिए गाड़ी का इंतजाम कर दिया था। बाइक ठिकाने लगाकर कार से वह रवाना हो गया। यह भी हो सकता है कि जय ने किसी करीबी से उसे लखनऊ या आगे तक पहुंचवाया। पूछताछ पूरी होने के बाद ही ये तथ्य स्पष्ट हो सकेगा।
पूछताछ में एक तथ्य ये भी सामने आया है कि विकास शिवली से बाइक से कानपुर की तरफ आया। यहां पर जय ने उसके लिए गाड़ी का इंतजाम कर दिया था। बाइक ठिकाने लगाकर कार से वह रवाना हो गया। यह भी हो सकता है कि जय ने किसी करीबी से उसे लखनऊ या आगे तक पहुंचवाया। पूछताछ पूरी होने के बाद ही ये तथ्य स्पष्ट हो सकेगा।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
रकम, जेवरात और असलह लगाए ठिकाने
पुलिस ने जय के घरों में मंगलवार को छापा मारा। परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान कुछ खास रकम, जेवरात या असलह नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक वारदात के एक-दो दिन पहले ही जय ने घर में रखी करोड़ों की नकदी, जेवरात और असलहे ठिकाने लगा दिए। असलहे ठिकाने लगाए या फिर विकास दुबे को दिए इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने जय के घरों में मंगलवार को छापा मारा। परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान कुछ खास रकम, जेवरात या असलह नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक वारदात के एक-दो दिन पहले ही जय ने घर में रखी करोड़ों की नकदी, जेवरात और असलहे ठिकाने लगा दिए। असलहे ठिकाने लगाए या फिर विकास दुबे को दिए इसकी जांच की जा रही है।