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मुठभेड़ में पुलिस ने जिस नाबालिग प्रभात मिश्रा के सीने में मारी थी दो गोली उसके हाईस्कूल में आए थे इतने नंबर

Thu, 16 Jul 2020 02:21 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 16 Jul 2020 02:21 AM IST
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kanpur encounter: Prabhat Mishra was a minor, who killed in encounter
प्रभात मिश्रा एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद पुलिस ने जिस आरोपी प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय को एनकाउंटर में मार गिराया था, अब जांच में पता चला है कि वह नाबालिग था। उसकी उम्र 16 साल थी। एनकाउंटर से पहले फोन पर उसकी आखिरी बातचीत उसकी बहन से हुई थी। तब वह बोला था, नाम नहीं लूंगा जो भी हैं, जहां भी हैं, सब ठीक हैं। इसके बाद फोन कट गया था।


 
kanpur encounter: Prabhat Mishra was a minor, who killed in encounter
प्रभात एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने फरीदाबाद से प्रभात, अंकित और श्रवण को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि फरीदाबाद से प्रभात काे वापस लाते समय पनकी थाना क्षेत्र में गाड़ी पंचर हो गई थी। इस दौरान प्रभात एक दरोगा की पिस्टल लूटकर भागने लगा था। पीछा करने पर पुलिस पर गोली चलाई थी और जवाबी कार्यवाही में वह मारा गया था। उसकी 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड से पता चला है उसकी जन्म तिथि 27 मई 2004 है।

 
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Kanpur Encounter - फोटो : amar ujala
पढ़ाई में अव्वल था प्रभात, कोई भी केस नहीं था
प्रभात में से पढ़ाई में अव्वल था। हाईस्कूल में उसको ए-ग्रेडिंग मिली थी। हिंदी में 82 तो अंग्रेजी में 83 नंबर आए थे। परिवार वालों ने बताया कि प्रत्येक कक्षा में उसके इसी तरह से नंबर आए हैं। लोगों ने उसके व्यवहार की भी तारीफ की। जिसने भी वारदात में प्रभात के शामिल होने की सूचना सुनी वह दंग रह गया। प्रभात के ऊपर एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।

 
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Kanpur Encounter News - फोटो : amar ujala

पुलिस के हाथों मारे गए प्रभात मिश्रा को बंदूक लेकर चलना बेहद पसंद था। वह फोर्स में जाना चाहता था, लेकिन विकास दुबे के घर आने जाने की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, यह कहना है प्रभात की मां गीता मिश्रा का।  गीता ने बताया कि इकलौते बेटे की मौत से उनकी तो जिंदगी ही तबाह हो गई है। बिकरू कांड में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या में प्रभात मिश्रा पुत्र राजेंद्र मिश्रा का नाम शामिल था। 7 जुलाई की सुबह पनकी थाना क्षेत्र के भौती के निकट पुलिस मुठभेड़ में प्रभात की मौत हुई थी।

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Kanpur Encounter Case - फोटो : amar ujala

घटना के बाद से पिता राजेन्द्र घर से फरार हैं, वहीं मां गीता व अन्य परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। प्रभात की मां गीता के मुताबिक उनका बेटा बेकसूर था। केवल पड़ोसी होने का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा है। उसने यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा 66 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। फोर्स में जाने की बात कहता रहता था। बंदूक टांग कर चलना बहुत पसंद था। शौक पूरा करने के लिए कभी-कभी वह विकास दुबे के घर आया जाया करता था। उन्हें क्या मालूम था कि यह शौक एक दिन उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा।

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