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विकास दुबे के खौफ और जय के रुतबे के आगे झुकता था प्रशासन, डीएम ने निरस्त किया लाइसेंस कमिश्नर ने किया बहाल

Sun, 19 Jul 2020 04:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 19 Jul 2020 04:10 PM IST
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Kanpur Encounter: DM had revoked Jai's license, commissioner reinstated
जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई पर पुलिस का शिकंजा कसता ही जा रहा है। वह फर्जी होमगार्ड को मित्र का लाइसेंसी रिवाल्वर देकर साथ लेकर चलता था। इस मामले में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन डीएम रौशन जैकब ने जय के रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त कर दिया था।


 
Kanpur Encounter: DM had revoked Jai's license, commissioner reinstated
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जय ने तत्कालीन कमिश्नर से मिलकर अपना लाइसेंस बहाल करा लिया था। इसका खुलासा एसएसपी द्वारा थाना प्रभारी से मांगी गई रिपोर्ट में हुआ है। जय बाजपेई अपने करीबियों के शस्त्र लेकर चलकर भी भौकाल झाड़ता था। ऐसे करीबियों की कुंडली भी पुलिस खंगाल रही है जो जय को अपने शस्त्र दिया करते थे।

 
Kanpur Encounter: DM had revoked Jai's license, commissioner reinstated
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
जय बाजपेई को आठ जनवरी 2008 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने 107/299 ब्रह्मनगर, बजरिया के पते से रिवाल्वर का लाइसेंस जारी किया था जिसका लाइसेंस संख्या 294 और रिवाल्वर का नंबर के-4579 है। वर्ष 2012 में जय के खिलाफ बजरिया थाने में गाली गलौज, मारपीट, धमकी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई।

 
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Kanpur Encounter: DM had revoked Jai's license, commissioner reinstated
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
जिसके बाद तत्कालीन बजरिया थाना प्रभारी ने 7 जून 2013 को जय का लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी थी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर 30 जुलाई 2014 में तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ रौशन जैकब ने उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया था।

 
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Kanpur Encounter: DM had revoked Jai's license, commissioner reinstated
kanpur encounter news - फोटो : amar ujala
इसके बाद उसने तत्कालीन कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन से मिलकर 15 नवंबर 2014 को अपना लाइसेंस बहाल करा लिया था। फिर जय ने अपने नजीराबाद स्थित मकान के पते से जून 2016 में पासपोर्ट भी बनवा लिया। इस बीच जय के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए, लेकिन अधिकारियों की दरियादिली केचलते वह बचता गया।
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