{"_id":"5effff3096c32513976ece70","slug":"kanpur-encounter-8-cops-killed-now-truth-came-out","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कानपुर एनकाउंटर: बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग तो दबिश से भागा था संदिग्ध थानेदार, हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर एनकाउंटर: बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग तो दबिश से भागा था संदिग्ध थानेदार, हुआ खुलासा
Sat, 04 Jul 2020 06:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 04 Jul 2020 06:18 PM IST
विज्ञापन
आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने किया घटना स्थल का निरीक्षण
- फोटो : amar ujala
पूरे प्रदेश को हिलाकर रख देने वाली बिकरू गांव में हुई आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून देने की घटना में चौबेपुर थानेदार विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध लग रही है। पहले थानेदार ने विकास दुबे पर रिपोर्ट दर्ज न कर पीड़ित राहुल को भगा दिया था।
विकास के घर से बरामद हुए कारतूस
- फोटो : amar ujala
इसके बाद सीओ ने रिपोर्ट दर्ज कराई और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। दबिश में चौबेपुर थानेदार गए तो लेकिन पीछे-पीछे रहे और हमले से ठीक पहले वहां से भाग निकले। इससे वे शक के घेरे में आ गए हैं। मोहिनी नेवादा निवासी राहुल तिवारी ने दो दिन पहले चौबेपुर थाने में विकास दुबे के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप लगाकर तहरीर दी थी।
आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद, सात घायल
- फोटो : amar ujala
आरोप है कि एसओ विनय तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जानकारी होने पर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी केस में विकास दुबे को उठाने के लिए आला अधिकारियों की अनुमति पर पुलिस ने दबिश दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हर जगह बिखरा था खून
- फोटो : amar ujala
जुआ खिलवाने का लगाया था आरोप
कुछ महीने पहले सीओ ने चौबेपुर क्षेत्र में बड़ा जुआ पकड़ा था। मामले में सीओ ने जांच की थी तो पता चला था कि जुआ खिलाने के बदले रकम थानेदार तक पहुंचती है। जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ रिपोर्ट लगाई थी। ऐसे कई मामले हैं, जिनकी वजह से सीओ और एसओ के बीच विवाद रहता था। दोनों एक दूसरे से असहमत रहते थे।
कुछ महीने पहले सीओ ने चौबेपुर क्षेत्र में बड़ा जुआ पकड़ा था। मामले में सीओ ने जांच की थी तो पता चला था कि जुआ खिलाने के बदले रकम थानेदार तक पहुंचती है। जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ रिपोर्ट लगाई थी। ऐसे कई मामले हैं, जिनकी वजह से सीओ और एसओ के बीच विवाद रहता था। दोनों एक दूसरे से असहमत रहते थे।
विज्ञापन
खेतों में मिले थे पुलिस कर्मियों के पार्थिव शरीर
- फोटो : amar ujala
मामले में जांच के आदेश हुए हैं। कहां पर किसकी चूक रही है या इसमें कोई साजिश है, इसका पता जांच में चल जाएगा। उसी आधार पर कार्रवाई होगी। विकास पर पचास हजार का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस की कई टीमें उसे ढूंढ रही हैं।
मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर
मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर