कानपुर में बजरिया थाना क्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाके कंघी मोहाल में मंगलवार की दोपहर बारूद के तेज धमाके से मकान की छत व दीवारें उड़ गईं। इसके बाद चीख-पुकार मच गई और आसमान में सिर्फ धूल का गुबार दिखाई दे रहा था। चार सौ मीटर तक आवाज गूंजी, तो लोग भागे।
Kanpur Blast: आसमान में धूल का गुबार, धरातल पर चीख-पुकार, बारूद से धमाका...200 मीटर तक गिरा मलबा, देखें Photos
धमाका इतना जबर्दस्त था कि ईंट के टुकड़े और लकड़ी की खिड़की 200 मीटर जा गिरीं। लोगों ने दहशत में अपने घर बंद कर लिए। नगर निगम की टीम ने मकान के नीचे पड़ा मलबा समेटा और पूरा मकान खाली कराने के बाद उसे सील कर दिया। जिस गली में ये हादसा हुआ, वहां स्थिति में तमाम मकान लगभग 50 साल पुराने हैैं। इनमें लोग कम किराया देने की वजह से अपनी जिंदगी दांव पर लगाए हुए हैं।
घनी आबादी में बारूद से धमाका, छत व दीवारें उड़ीं, चार घायल
बजरिया थानाक्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाके कंघी मोहाल में मंगलवार की दोपहर बारूद के तेज धमाके से मकान की छत व दीवारें उड़ गईं। मलबे में दबकर मां-बटी समेत चार लोग घायल हो गए। फोरेंसिक और बीडीएस टीम को बारूद के कण मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। मकान को सील कर दिया गया है।
टीपू का है तीन मंजिला जर्जर मकान
कंघी मोहाल में टीपू का तीन मंजिला जर्जर मकान है। मकान के निचले हिस्से में टीपू के बेटे नसीम का चप्पल का कारखाना है। इसी मकान में आमिर, गफूर उर्फ राजू, इलियास, इरशाद और बरकत अली परिवार संग किराये पर रहते हैं। एक सप्ताह पहले ही टीपू की मौत हो गई थी। टीपू की मौत के बाद नसीम ने इस मकान का बिल्डर एग्रीमेंट कर दिया था।
मकान खाली करने का बना रहा था दबाव
इसके बाद नया मकान मालिक लोगों पर मकान खाली करने का दबाव बना रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 1:35 बजे नसीम के मकान की तीसरी मंजिल की लकड़ी की धन्नी से बनी छत और दीवारें तेज धमाके से उड़ गईं। तीसरी मंजिल पर बना घर मलबे में बदल गया।