कन्नौज जिले में हादसे के बाद स्लीपर बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और बस लखनऊ की ओर मुड़ गई। हादसे की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े। यूपीड़ा सुरक्षा कर्मियों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकाला। एक्सप्रेसवे पर खून ही खून दिखाई दे रहा था।
राज कल्पना ट्रैवल्स की स्लीपर बस दोपहर एक बजे तेज गति से सकरावा क्षेत्र के किलोमीटर संख्या 140 पर पौधों में पानी डाल रहे टैंकर में पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि टैंकर डिवाइडर तोड़ कर दूसरी लेन में जाकर पलट गया, जबकि बस के परखच्चे उड़ गए और घूमकर लखनऊ की तरफ हो गई। सूचना पर पर यूपीडा की टीम व 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को निकालकर सौरिख सीएचसी, तिर्वा मेडिकल कॉलेज और सैफई मेडिकल कॉलेज भिजवाया।
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kannauj bus accident
- फोटो : amar ujala
हादसे के बाद मची चीखपुकार
सौरिख। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस हादसे के समय ज्यादातर सवारियां नींद में थी और कुछ सवारियां मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त थी। हादसा होते ही चीखपुकार मच गई। घटना के बाद खिड़की लॉक होने से सवारियां शीशों की साइड व सामने से कूदकर बाहर निकलीं। मौके पर पहुंची यूपीडा सुरक्षा टीम ने बस की लॉक खिड़कियां तोड़कर सवारियों के अलावा उनका सामान बस के अंदर व डिग्गी से बाहर निकाला।
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सूचना पर पहुंची 12 एंबुलेंस
हादसे की सूचना पर एक्सप्रेस वे के यूपीडा की दो, आरबीजीएल की दो व आईडीसीसी की एक एंबुलेंस, सेफ्टी टीम की गाड़ियां समेत जनपद के अधिकांश अस्पतालों की एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई और घायलों को सौरिख, तिर्वा और मेडिकल काॅलेज सैफई में भर्ती कराया गया।
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47 का था परमिट, सवारियां थीं 50
हादसे वाली स्लीपर बस का एक माह पहले ग्वालियर जनपद के एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण हुआ था। बस में चालक समेत 47 का परमिट था जबकि सवारियां बैठी थीं 50। एक सवारी अधिक पकड़े जाने पर चार हजार का जुर्माना लगाया जाता है। सीओ छिबरामऊ ओमकार नाथ शर्मा ने बताया कि बस की पूरी जांच की जा रही है।
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बस की बॉडी एसी डीलक्स थी
आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे वे सकरावा थाना क्षेत्र में हादसे वाली स्लीपर बस एमपी 07-21-7009 बस का राजकमल ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से ग्वालियर जनपद के एआरटीओ कार्यालय में 29 अक्तूबर को पंजीयन कराया गया था। बस की बॉडी एसी डीलक्स थी। बस की फिटनेस 28 अक्तूबर 2026 तक वैध है। बस का बीमा 29 जुलाई 2025 तक का था। स्लीपर बस का टैक्स 31 दिसंबर 2024 तक जमा है। बस का वजन 5,795 किलोग्राम है। स्लीपर बस में नीचे बैठने के लिए चालक समेत 21 सवारियां और ऊपर 26 सवारियां के लिए स्लीपर है। इस प्रकार कुल 47 सवारियों के बैठने का पंजीकरण था, जबकि हादसे के समय 50 सवारियां थी।