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कन्नौज हादसा: सामान्य को स्लीपर बस की अनुमति देने वाले नपेंगे, हादसे के वक्त बैठी थीं 47-51 सवारियां
Thu, 16 Jan 2020 01:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 16 Jan 2020 01:48 PM IST
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कन्नौज हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज बस हादसे की जांच ने अब तेजी पकड़ी है। स्लीपर बस के पंजीयन व सामान्य बस को स्लीपर बनाने अनुमति देने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उस आर्डर पर हस्ताक्षर किसने किए थे। इसका ही रिकॉर्ड देखने एआरटीओ कार्यालय में उप परिवहन आयुक्त पहुंचे। हादसे वाली बस में 47 से 51 सवारियां बैठी थीं। कुल दस लोगों की मौत की पुलिस ने पुष्टि की है।
कन्नौज हादसा
- फोटो : अमर उजाला
जो कंकाल मिले हैं उनका डीएनए टेस्ट होगा। तभी पीड़ितों को विभाग से मुआवजा मिल सकेगा। बस में पीछे शीशे की जगह टीन लगी थी और इमरजेंसी गेट नहीं था। ये जानकारी देते हुए उप परिवहन आयुक्त कानपुर परिक्षेत्र देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश मुख्यालय के आदेश पर उन्होंने कन्नौज में बस मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
कन्नौज बस-ट्रक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
छिबरामऊ में हादसे का शिकार हुई बस का अल्टरेशन (बदलाव) किया गया था। किसी भी वाहन के बदलाव की व्यवस्था मोटर व्हेकिल एक्ट में धारा 52 के अंतर्गत है। हादसे वाली बस की लंबाई 12 मीटर की जगह 12.8 मीटर पाई गई जो गलत है। केवल एयरपोर्ट पर चलने वाली बसों को ही ज्यादा लंबाई में पास किया जाता है। इसकी फिटनेस के अलावा किस अधिकारी के कार्यकाल में बस पंजीकृत हुुई और अल्टरेशन के दौरान किस अधिकारी ने अनुमति दी है, इसकी छानबीन करने आए हैं। स्लीपर बसों की पत्रावली आगरा भेज दी गई है। फिर भी वे रिकार्ड निकलवा रहे हैं।
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कन्नौज हादसा
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई तय है। उन्होंने आरआई जीवन कुमार को वाहनों की फिटनेस करने के बारे में बताया और अपने सामने ही दो वाहनों की नाप जोख करवाकर फिटनेस सत्यापन करने के गुर सिखाए। वहीं आयुक्त को देखकर कई वाहन स्वामी अपने वाहन समेत गायब हो गए। त्रिपाठी ने बताया कि अब वही स्लीपर बसें चलेंगी, जिनमें इमरजेंसी गेट होगा और जिनकी लंबाई 12 मीटर ही होगी।
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कन्नौज हादसा
- फोटो : अमर उजाला
स्लीपर बसों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। कानपुर में अभियान चल रहा है। 19 बसें वहां पर सीज की गई हैं। बताया गया कि एआरटीओ कार्यालय में वर्ष 2016 व 2018 में कानपुर व कन्नौज के आरआई व लिपिक काम करने आए थे। उसी दौरान बस को सामान्य बस से स्लीपर बस में बदला गया था।