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Farrukhabad News: 17 साल पुराने हत्याकांड में पिता व दो पुत्रों को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। वर्ष 2009 में हुए जानलेवा हमले और हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-1 अभिनितम उपाध्याय ने दोषी पिता व दो पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला भीकमपुरा हाता मझले खां निवासी आफताब ने 13 अप्रैल 2009 को पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि फुरकान खान उर्फ अच्छे और उसके परिवार के लोग उसके भाई से रंजिश मानते थे। घटना वाले दिन सुबह करीब 11:30 बजे फुरकान, उसके पुत्र इमरान व फरहान और पुत्री सनोवर हथियार लेकर भाई आफताब के घर के सामने गाली-गलौज कर रहे थे।
भाई आफताब के बेटे शाहनवाज खान उर्फ सानू और महताब तथा उनके ममेरे भाई नसीम उर्फ पप्पू व वसीम ने गाली देने से मना किया। फुरकान और उसके पुत्रों ने चाकू से शाहनवाज पर हमला कर दिया, जबकि सनोवर पर लोहे की सरिया से हमला किया गया। शाहनवाज को बचाने पहुंचे भाई महताब, नसीम और वसीम पर भी हमला किया गया। सभी घायलों को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान शाहनवाज खान उर्फ सानू की मौत हो गई।
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पुलिस ने फुरकान, फरहान और इमरान के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इमरान के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत अलग मुकदमा भी चला। साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों को 25 अगस्त को दोषी करार दिया था।
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थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला भीकमपुरा हाता मझले खां निवासी आफताब ने 13 अप्रैल 2009 को पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि फुरकान खान उर्फ अच्छे और उसके परिवार के लोग उसके भाई से रंजिश मानते थे। घटना वाले दिन सुबह करीब 11:30 बजे फुरकान, उसके पुत्र इमरान व फरहान और पुत्री सनोवर हथियार लेकर भाई आफताब के घर के सामने गाली-गलौज कर रहे थे।
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भाई आफताब के बेटे शाहनवाज खान उर्फ सानू और महताब तथा उनके ममेरे भाई नसीम उर्फ पप्पू व वसीम ने गाली देने से मना किया। फुरकान और उसके पुत्रों ने चाकू से शाहनवाज पर हमला कर दिया, जबकि सनोवर पर लोहे की सरिया से हमला किया गया। शाहनवाज को बचाने पहुंचे भाई महताब, नसीम और वसीम पर भी हमला किया गया। सभी घायलों को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान शाहनवाज खान उर्फ सानू की मौत हो गई।
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पुलिस ने फुरकान, फरहान और इमरान के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इमरान के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत अलग मुकदमा भी चला। साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों को 25 अगस्त को दोषी करार दिया था।