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Farrukhabad News: सीबीसी जांच के नहीं लिए नमूने, बैरंग लौटे 300 मरीज
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में रीजेंट की व्यवस्था न हो पाने से सीबीसी, लिवर, किडनी, शुगर और विटामिन डी, बी-12 के नमूने नहीं लिए गए। करीब 300 मरीज बिना नमूना दिए ही लौट गए। सेंट्रल जेल, जिला जेल, इमरजेंसी व अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों के नमूनों की जांचें भी नहीं हो सकीं।
लैबों में होने वाले खर्च का बजट दो माह से सीएमओ के खाते में पड़ा है। उसे सीएमएस के खातों में हस्तांतरित नहीं किया जा रहा, लिहाजा रीजेंट की खरीद समेत अन्य रखरखाव में दिक्कतें आ रही हैं। करीब 15 दिन से सेंट्रल लैब में सीबीसी पार्ट-3 से लिवर, किडनी, शुगर आदि की जांचें उधार के रीजेंट से की जा रही थीं, जबकि सीबीसी पार्ट-5 और विटामिन-डी, बी-12 जांचें बंद हैं। इससे मरीज बाहर से जांचें कराने को मजबूर हैं।
शनिवार से सीबीसी पार्ट-3 की जांचें भी बंद हो गई थीं। सोमवार को भी रीजेंट की व्यवस्था न होने से दूरदराज से आए करीब 300 मरीजों के नमूने नहीं लिए जा सके। डॉक्टरों ने जांचें लिखीं, मगर रीजेंट के अभाव में नमूना लेने से इन्कार कर दिया गया। लैब प्रभारी डॉ. जय सिंह ने बताया कि कई जगह से रीजेंट मांगा गया, मगर व्यवस्था नहीं हो सकी। लिहाजा जांचें नहीं की जा सकीं।
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चंद दिन का बचा डिस्टिल वाटर, सभी मशीनें होंगी बंद
सेंट्रल लैब में सीबीसी, विटामिन-डी, बी-12 का रीजेंट खत्म होने के बाद अब डिस्टिल वाटर भी चंद दिन का बचा है। लैब की सभी मशीनों में रीजेंट के साथ डिस्टिल वाटर भी लगाया जाता है। लैब के स्टोर में अब चंद दिन का ही डिस्टिल वाटर बचा है। यदि समय रहते इसकी खरीद नहीं हुई तो लैब की सभी मशीनें बंद होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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फोटो-11 लोहिया अस्पताल की ओपीडी पर्चा काउंटर पर लगी लाइनें। संवाद
बुखार, खांसी के 550 मरीज, पर्चा काउंटर पर धक्का-मुक्की
-सोमवार को सीजन के सबसे अधिक 1108 मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। सामान्य दिनों के बजाय आमतौर पर सोमवार को लोहिया अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की अधिक भीड़ रहती है। बदलते मौसम में बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज तेजी से बढ़े हैं। सीजन के सबसे अधिक रिकॉर्ड 1108 मरीज पहुंचने से पंजीकरण से लेकर पर्चा काउंटर और डॉक्टरों के यहां धक्का-मुक्की होती रही।
सबसे अधिक मरीज फिजीशियन डॉ. प्रवीन कुमार, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. अभय श्रीवास्तव के कमरों के बाहर दिखी। कई बार धक्का मुक्की हुई। पर्चा काउंटर पर भी महिलाओं की लाइनों में कुछ कर्मचारी और पुरुष आगे लग गए, तो कहासुनी हुई। सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को हटाकर मामला शांत किया।
डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि धूप में तेज उमस और बारिश में भीगना तथा रात में ठंडक नुकसानदेह है। कूलर में पानी का कतई उपयोग न करें। जुकाम होते ही गुनगुने पानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर सरकारी अस्पताल में तुरंत दिखाएं। बुखार चढ़ने न दें। ठंडा पानी व अन्य पेय पदार्थ पीने से पूरी तरह परहेज करें।
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लैबों में होने वाले खर्च का बजट दो माह से सीएमओ के खाते में पड़ा है। उसे सीएमएस के खातों में हस्तांतरित नहीं किया जा रहा, लिहाजा रीजेंट की खरीद समेत अन्य रखरखाव में दिक्कतें आ रही हैं। करीब 15 दिन से सेंट्रल लैब में सीबीसी पार्ट-3 से लिवर, किडनी, शुगर आदि की जांचें उधार के रीजेंट से की जा रही थीं, जबकि सीबीसी पार्ट-5 और विटामिन-डी, बी-12 जांचें बंद हैं। इससे मरीज बाहर से जांचें कराने को मजबूर हैं।
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शनिवार से सीबीसी पार्ट-3 की जांचें भी बंद हो गई थीं। सोमवार को भी रीजेंट की व्यवस्था न होने से दूरदराज से आए करीब 300 मरीजों के नमूने नहीं लिए जा सके। डॉक्टरों ने जांचें लिखीं, मगर रीजेंट के अभाव में नमूना लेने से इन्कार कर दिया गया। लैब प्रभारी डॉ. जय सिंह ने बताया कि कई जगह से रीजेंट मांगा गया, मगर व्यवस्था नहीं हो सकी। लिहाजा जांचें नहीं की जा सकीं।
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चंद दिन का बचा डिस्टिल वाटर, सभी मशीनें होंगी बंद
सेंट्रल लैब में सीबीसी, विटामिन-डी, बी-12 का रीजेंट खत्म होने के बाद अब डिस्टिल वाटर भी चंद दिन का बचा है। लैब की सभी मशीनों में रीजेंट के साथ डिस्टिल वाटर भी लगाया जाता है। लैब के स्टोर में अब चंद दिन का ही डिस्टिल वाटर बचा है। यदि समय रहते इसकी खरीद नहीं हुई तो लैब की सभी मशीनें बंद होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
फोटो-11 लोहिया अस्पताल की ओपीडी पर्चा काउंटर पर लगी लाइनें। संवाद
बुखार, खांसी के 550 मरीज, पर्चा काउंटर पर धक्का-मुक्की
-सोमवार को सीजन के सबसे अधिक 1108 मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। सामान्य दिनों के बजाय आमतौर पर सोमवार को लोहिया अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की अधिक भीड़ रहती है। बदलते मौसम में बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज तेजी से बढ़े हैं। सीजन के सबसे अधिक रिकॉर्ड 1108 मरीज पहुंचने से पंजीकरण से लेकर पर्चा काउंटर और डॉक्टरों के यहां धक्का-मुक्की होती रही।
सबसे अधिक मरीज फिजीशियन डॉ. प्रवीन कुमार, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. अभय श्रीवास्तव के कमरों के बाहर दिखी। कई बार धक्का मुक्की हुई। पर्चा काउंटर पर भी महिलाओं की लाइनों में कुछ कर्मचारी और पुरुष आगे लग गए, तो कहासुनी हुई। सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को हटाकर मामला शांत किया।
डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि धूप में तेज उमस और बारिश में भीगना तथा रात में ठंडक नुकसानदेह है। कूलर में पानी का कतई उपयोग न करें। जुकाम होते ही गुनगुने पानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर सरकारी अस्पताल में तुरंत दिखाएं। बुखार चढ़ने न दें। ठंडा पानी व अन्य पेय पदार्थ पीने से पूरी तरह परहेज करें।