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ज्योति हत्याकांड: राज खुलते गए, पीयूष बेनकाब होता गया, फुटेज और 150 मैसेज से लगा था सुराग

Fri, 21 Oct 2022 12:11 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Fri, 21 Oct 2022 12:11 PM IST
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Jyoti murder case: Footage and 150 messages had clues
ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कानपुर का सबसे चर्चित और हाई प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री ज्योति का मर्डर रहा। शहर में उस वक्त सनसनी मच गई थी। ज्योति, पीयूष और मनीषा तीनों करोड़पति परिवार से थे। किसी के रसूख में कोई कमी नहीं थी। इसलिए पीयूष की पैरवी में कोई कमी नहीं छूटी थी। नेता, अफसर और कई नामचीन कारोबारियों ने शासन तक पैरवी की थी लेकिन सुबूतों के आगे कुछ न नहीं चला। वक्त लगा लेकिन न्याय मिला। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद जेल में एक सूटकेस पहुंचाया गया था। यह सूटकेट इसलिए पहुंचाया गया था, जिससे इन दोनों को वहां किसी तरह की दिक्कत न हो।
Jyoti murder case: Footage and 150 messages had clues
ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
राज खुलते गए, पीयूष बेनकाब होता गया 
पीयूष ने ज्योति के कथित अपहरण के बाद पहली कॉल पुलिस के बजाए अपने परिजनों को की थी। करीब सवा घंटे बाद पुलिस को सूचना दी। वहीं जब वह रेस्टोरेंट गया था तब और जब थाने पहुंचा था तब उसकी टी-शर्ट अलग-अलग थीं। इससे सबसे अधिक शक गहराया था। क्योंकि जिस किसी की पत्नी के साथ ऐसी वारदात होगी तो क्या वह पुलिस से शिकायत करने के बजाए पहले घर जाकर कपड़े बदलेगा। इन दोनों तथ्यों से पीयूष बेनकाब होने लगा था। 
Jyoti murder case: Footage and 150 messages had clues
ज्योति हत्याकांड - फोटो : amar ujala
फुटेज और 150 मैसेज से लगा था सुराग 
जब ज्योति व पीयूष वरांडा रेस्टोरेंट में थे तब कुछ देर के लिए पीयूष वहां से बाहर गया था। इस दौरान ज्योति अपनी एक बहन से फोन पर बातचीत कर रही थी। वहां से बाहर जाने का तथ्य पीयूष ने पूछताछ में नहीं बताया था। सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ था कि पीयूष बाहर किसी से बातचीत कर रहा था।
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Jyoti murder case: Footage and 150 messages had clues
ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
जब उसके मोबाइल की सीडीआर सामने आई तो पता चला कि वारदात के दिन एक ही नंबर पर 150 मैसेज पीयूष ने भेजे थे। यह मैसेज मनीषा के नंबर पर किए गए थे। कुछ नंबर भाड़े के हत्यारों को किए थे। इन नंबरों की डिटेल पुलिस ने निकलवाई और उनसे पूछताछ शुरू की थी। कुछ घंटों में राजफाश हो गया था।
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Jyoti murder case: Footage and 150 messages had clues
ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
टाइम लाइन 
27 जुलाई 2014 को चाकू से गोदकर ज्योति की हत्या की गई थी
30 जुलाई 2014 को पीयूष को जेल भेजा गया था
7 सितंबर 2017 को पीयूष की पहली जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हुई थी
31 जुलाई 2019 को पीयूष की दूसरी जमानत अर्जी खारिज हो गई थी
15 अक्टूबर 2020 को हाईकोर्ट ने पीयूष को जमानत दे दी थी। 
8 अक्टूबर 2020 को फर्जी सिम से धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी।
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