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मुंबई धमाकों के आरोपी जलीस अंसारी ने किया बड़ा खुलासा, बोला सीएए के विरोध में यूपी को दहलाने आया था
Sun, 19 Jan 2020 10:05 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
सुनील कुमार मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
सुनील कुमार मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 19 Jan 2020 10:05 AM IST
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जलीस अंसारी को पकड़ कर ले जाती एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के फेथफुलगंज से शुक्रवार को गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी डॉ. जलीस अंसारी उर्फ डॉ. बम सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध को और तेज कराने और उपद्रवियों का दुस्साहस बढ़ाने का तानाबाना बुन रहा था। पूरे यूपी को बम धमाकों से दहलाने की साजिश रच रहे डॉ. बम के पहले निशाने पर कानपुर, मेरठ और रामपुर थे।
मुम्बई का आतंकवादी जलीस अंसारी कानपुर से गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
उसने योजना बनाई थी कि वह मुंबई से फरार होने ते बाद सोनौली के रास्ते नेपाल भाग जाएगा और पुराने साथियों की मदद से यूपी में आतंकी हमलों को अंजाम दिलाएगा। शनिवार को एटीएस की पूछताछ में उसने यह जानकारियां दी हैं। जलीस ने बताया है कि 1993 में बम धमाकों की नींव उसने कानपुर से ही रखी थी। लिहाजा, इस बार भी यहीं से बम विस्फोटों की शुरुआत करने वाला था। यहां उसके पास मुफीद ठिकाने और तमाम लोग हैं।
जलीस अंसारी
- फोटो : फाइल
अपने मददगारों को प्लानिंग समझाने के लिए कानपुर आया था। यहां से वह गोरखपुर जाता, जहां देश की सीमा पार कराने के लिए लोग इंतजार कर रहे थे। वैसे तो सोनौली से नेपाल जाना था, लेकिन कोई खतरा होने पर गोरखपुर के बजाय खलीलाबाद से होते हुए नौतनवा की तरफ से निकलकर सरहद पार कर जाता। इसके लिए बखिरा क्षेत्र के पुराने परिचितों से संपर्क साध रखा था।
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आतंकी जलीस को ले जाती एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
सीएए के विरोध में उपद्रव शुरू होते ही रखी जाने लगी थी नजर
सीएए के विरोध में देश भर में उपद्रव शुरू होते ही जेल में जलीस की गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी थी। उसके मंसूबों को एटीएस ने भांप लिया था। जलीस आईएसआई के हर इंडियन माड्यूल को संचालित करता था। उसके जरिये एटीएस आतंकवाद के अन्य आकाओं तक पहुंचना चाहती थी। यही वजह रही कि किसी सुरक्षा एजेंसी ने जलीस के पैरोल का विरोध नहीं किया।
सीएए के विरोध में देश भर में उपद्रव शुरू होते ही जेल में जलीस की गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी थी। उसके मंसूबों को एटीएस ने भांप लिया था। जलीस आईएसआई के हर इंडियन माड्यूल को संचालित करता था। उसके जरिये एटीएस आतंकवाद के अन्य आकाओं तक पहुंचना चाहती थी। यही वजह रही कि किसी सुरक्षा एजेंसी ने जलीस के पैरोल का विरोध नहीं किया।
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एसटीएफ द्वारा पकड़ा गया आतंकी जलीस
- फोटो : अमर उजाला
जनरल टिकट लेकर मुंबई से आया था कानपुर
मुंबई से जनरल टिकट लेकर जलीस पुष्पक एक्सप्रेस से कानपुर पहुंचा था। अफसरों का कहना है कि जलीस का हर शहर में नेटवर्क है। परिस्थितियों के मुताबिक किसी भी स्टेशन पर उतर कर ठिकाना ढूंढ लेता है। उसकेमुंबई से निकलते ही एटीएस ने गोरखपुर रूट के हर जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया था, लेकिन मुरादाबाद, कानपुर और लखनऊ में उसकेउतरने की ज्यादा संभावना थी। लखनऊ में उतरने पर वह दूसरी ट्रेन या बस से खलीलाबाद या गोरखपुर जाता। लिहाजा, इन शहरों की पुलिस पहले ही चौकन्नी थी।
मुंबई से जनरल टिकट लेकर जलीस पुष्पक एक्सप्रेस से कानपुर पहुंचा था। अफसरों का कहना है कि जलीस का हर शहर में नेटवर्क है। परिस्थितियों के मुताबिक किसी भी स्टेशन पर उतर कर ठिकाना ढूंढ लेता है। उसकेमुंबई से निकलते ही एटीएस ने गोरखपुर रूट के हर जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया था, लेकिन मुरादाबाद, कानपुर और लखनऊ में उसकेउतरने की ज्यादा संभावना थी। लखनऊ में उतरने पर वह दूसरी ट्रेन या बस से खलीलाबाद या गोरखपुर जाता। लिहाजा, इन शहरों की पुलिस पहले ही चौकन्नी थी।