बाॅलीवुड के मशहूर गीतकार की इन नज्मों पर झूम उठे युवा
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नज्मों पर झूमे युवा
‘पहले तो दिल में बस गया ईमान की तरह, अब बात भी करता है तो एहसास की तरह...’ सुनाकर युवाओं की खूब तालियां बटोरीं। ‘मैं उसका हो भी चुका और उसको खबर ही नहीं, इलाही इस खबर से बेखबर करे मुझको’ भी लोगों ने खूब सराही। ‘धूप का एक टुकड़ा रहता है इन पलकों की छांव में, अच्छा खासा शहर बसा है एक छोटे से गांव में’, ‘कुछ रिश्तों का नमक ही दूरी होता है... न मिलना भी बहुत जरूरी होता है...’ जैसी कई शायरी के जरिए इरशाद ने देर शाम तक लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
इरशाद ने कहा आइटम सांग होना कोई खराब बात नहीं
मशहूर गीतकार इरशाद कामिल ने हर फिल्म में आइटम सांग के जरूरी होने के सवाल पर कहा कि आइटम सांग होना खराब बात नहीं। लेकिन अगर सांग का एटीट्यूड खराब है तो वह जरूर भद्दा लगता है। फिल्म चमेली के आइटम सांग को उसकी जरूरत बताया।
संघर्ष भरा रहा फिल्म इंडस्ट्री का सफर
...और जब पुलिस ने पकड़ लिया