आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार हुआ हादसा ट्रैफिक नियमों के रौंदे जाने की बानगी है। चालक ने नशे में स्लीपर बस चलाई। गति सीमा की भी जमकर धज्जियां उड़ाईं। नतीजा रहा कि परिवार बिखर गए। ख्वाब टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मदद मिलने में भी देरी हुई। बहरहाल, शाम को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद परिवार के लोग खुद को संभाल न सके और फूट-फूटकर रोने लगे।
हादसा इतना दर्दनाक था कि सात साल की अमृता की गर्दन धड़ से अलग हो गई। अन्य चार की मौत सिर में गंभीर चोटों के साथ लिवर और फेफड़े फटने से हुई। हादसे के बाद पुलिस ने उसे जैसे-तैसे बाहर निकाला। जब उसे बाहर निकाला यह देख सभी के रोंगटे खड़े हो गए। उसका धड़ और सिर बैग में जैसे-तैसे रखवाकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
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Unnao Road Accident
- फोटो : amar ujala
पोस्टमार्टम हाउस में जब पिता राजेश ने बेटी का शव दिखाने को कहा कि वह सिर और धड़ अलग-अलग देख वह चीख पड़े। वहीं, देवखरी चौकी प्रभारी तफूज अहमद की तहरीर पर चालक मोहित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डीएम घनश्याम मीणा और एसपी जयप्रकाश सिंह, कोतवाल अखिलेशचंद्र पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
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कार का शीशा तोड़कर चार को निकाला गया, देरी ने ली जान
एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में टक्कर मारने के बाद कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने कार के अंदर फंसे लोगों को कार के पीछे का शीशा तोड़कर जैसे-तैसे बाहर निकलवाया। लेकिन तब तक काफी समय हो चुका था, तभी उसी में फंसे पांच लोगों ने दम तोड़ दिया।
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सीएचसी में प्रभारी रहे नदारद
घायलों को देखने एसडीएम बृजमोहन शुक्ला सुबह करीब आठ बजे सीएचसी पहुंचे तो वहां सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश सिंह नदारद मिले। मौके पर मिले फार्मासिस्ट प्रेमकुमार से स्टॉफ की जानकारी ली। पता चला कि डॉक्टर और प्रभारी रात में रुकते ही नहीं, अपने घर चले जाते हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और आपातकालीन स्थिति के लिए स्टॉफ को तैयार रखने के निर्देश दिए। बाद में 8:30 बजे सीएचसी प्रभारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए।
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बस यात्रियों को गश्ती वाहन से ले गई यूपीडा टीम
बस के यात्रियों में ऐसे परिवार थे जो ईट-भट्ठा व अन्य काम करने वाले कामगार हैं। हरियाणा में काम कर रहे थे और मानसून के कारण भट्ठे बंद होने पर करीब छह महीने बाद घर लौट रहे थे। हादसे में बस में सवार हुए करीब 45 यात्रियों को हल्की चोटें होने पर यूपीडा की रेस्क्यू टीम ने एंबुलेंस में ही मरहम-पट्टी की। इसके बाद उन्हों टोल प्लाजा से दूसरे वाहन में बैठाने के लिए गश्ती वाहन से पहुंचाया।