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इंद्रकांत हत्याकांड: आईपीएस मणिलाल ने रची थी खौफनाक साजिश, एसआईटी जांच में हुआ खुलासा
Sun, 27 Sep 2020 11:54 PM IST
शाहरुख खान
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, महोबा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, महोबा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 27 Sep 2020 11:54 PM IST
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इंद्रकांत त्रिपाठी मर्डर केस
- फोटो : अमर उजाला
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महोबा के तत्कालीन एसपी आईपीएस मणिलाल पाटीदार ने क्रशर कारोबारी इंद्रकांत के खिलाफ साजिश रची थी। उगाही की रकम देने से इनकार करने के बाद एसपी ने उनका नाम जुए के केस में खुलवा दिया था। वहीं, सामाजिक तौर पर भी उसको नीचा दिखाने के लिए एक वीडियो वायरल किया था। आखिर में मजबूर होकर इंद्रकांत खुदकुशी करने पर विवश हुए। सूत्रों के मुताबिक ये सभी तथ्य एसआईटी की जांच रिपोर्ट में हैं।
इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
कुल मिलाकर एसआईटी की जांच में भी इंद्रकांत की मौत के जिम्मेदार आईपीएस मणिलाल पाटीदार ही हैं। इंद्रकांत ने सात सितंबर को वीडियो वायरल किया था, उसमें कहा था कि जब उन्होंने एसपी को हर महीने छह लाख रुपये देने से इनकार कर दिया, तब से वह झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगे थे। यह मामला जून का है।
इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी की जांच में आया कि महोबा पुलिस ने जुआ के एक पुराने मामले में गत 30 अगस्त को अचानक इंद्रकांत का नाम जोड़ दिया। इसके बाद उनको 360 सीआरपीसी के तहत नोटिस भेजा गया। यह इसलिए क्योंकि इंद्रकांत ने उगाही देने से इनकार कर दिया था। पूरा खेल एसपी के इशारों पर हुआ। यहीं से इंद्रकांत और परेशान हो गए थे। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया कि मणिलाल पाटीदार, इंद्रकांत को कई और मामलों में भी फंसाने का प्रयास कर रहे थे। इसके लिए पुलिसकर्मियों को इंद्रकांत के पीछे लगाया था। इसको लेकर इंद्रकांत परेशान थे।
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इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
यही वजह है कि सात तारीख को उन्होंने वीडियो बनाया। आठ सितंबर को प्रेसवार्ता का एलान किया। लेकिन, उसी दिन इंद्रकांत को गोली लग गई और पांच दिन बाद उनकी मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की रिपोर्ट में जिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और पारिस्थितिजन्य साक्ष्यों को शामिल किया है, वे इंद्रकांत के खुदकुशी करने का ही इशारा कर रहे हैं। पाटीदार के खिलाफ ये तमाम साक्ष्य बेहद अहम है। अगर हत्या में नहीं तो पाटीदार का आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में जेल जाना लगभग तय है। एसआईटी सोमवार को डीजीपी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद महोबा के कई और पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है।
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इंद्रकांत त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के साक्ष्य नहीं
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की जांच में कहा गया है कि वारदात के वक्त इंद्रकांत कार में अकेले थे। वह बेहद परेशान थे। उनकी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चली। सीडीआर का पूरा विवरण है। जिसके आधार पर हत्या की आशंका को खारिज तो नहीं किया लेकिन उसको लेकर कोई सबूतों का जिक्र भी नहीं किया। जिस जांच अधिकारी ने इंद्रकांत को जुआ वाले केस में नोटिस जारी किया था, उसको भी एसआईटी ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। उस पर भी गाज गिरना लगभग तय है।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की जांच में कहा गया है कि वारदात के वक्त इंद्रकांत कार में अकेले थे। वह बेहद परेशान थे। उनकी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चली। सीडीआर का पूरा विवरण है। जिसके आधार पर हत्या की आशंका को खारिज तो नहीं किया लेकिन उसको लेकर कोई सबूतों का जिक्र भी नहीं किया। जिस जांच अधिकारी ने इंद्रकांत को जुआ वाले केस में नोटिस जारी किया था, उसको भी एसआईटी ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। उस पर भी गाज गिरना लगभग तय है।