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'दरवाजे पर कौन आया, ये कैसी आवाज है?', जानिए इस पर क्या है अंधविश्वास-विज्ञान का नजरिया
प्रतीक मिश्रा, कानपुर
Updated Sun, 22 Jul 2018 05:08 PM IST
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अक्सर हमेंं ऐसा लगता है कि दरवाजे पर कोई है लेकिन ऐसा होता नहीं। ये वहम है या कुछ और। विज्ञान और धर्म में हमेशा इन चीजों को लेकर बहस चलती रहती है। आज विज्ञान और धर्म के नजरिये से इस विषय हमें जानकारी दे रहे हैं पंडित विजय पांडेय और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. उन्नती कुमार।
पंडित विजय पांडेय
पंडित विजय पांडेय ने बताया कि- अगर किसी इंसान को इस तरह की आवाजें काफी समय से सुनाई दे रही हैं तो इसका मतलब है कि उनके आस-पास कोई नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव है। कई लोग जो दिमागी तौर पर मजबूत होते हैं वो ऐसी चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं और उन पर इस तरह की किसी भी चीज का प्रभाव नहीं पड़ता है। वहीं दूसरी ओर जो लोग जो इन चीजों से भयभीत हो जाते हैं उन पर इन चीजों का ज्यादा प्रभाव पड़ता है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- आखिर क्यों होती है ऐसी चीजें...
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इस तरह की नकारात्मक ऊर्जा ज्यादातर उन लोगों पर अपना प्रभाव डालती हैं जिनकी कुंडली में किसी तरह का दोष होता है। जब गृहों की चाल बदलती है, तब उस व्यक्ति के आस-पास मौजूद बुरी शक्तियां इंसान पर अपना प्रभाव डालना शुरू कर देती हैं।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- क्या हैं बचने के उपाय...
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इन चीजों से बचने के लिए इंसान को हमेशा पूजा-पाठ करना चाहिए। भगवान हनुमान की पूजा करने से ऐसी चीजें आपके आस-पास भी नहीं भटकेंगी। ऐसे में व्यकित को मांसाहारी भोजन छोड़ कर शाकाहारी भोजन करना चाहिए क्योंकि मास और शराब आदि चीजों की तरफ बुरी शक्तियां आकर्षित होती हैं।
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डॉ. उन्नति कुमार
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. उन्नती कुमार ने बताया - अगर विज्ञान के नजरिये से देखा जाए तो इस तरह की चीजों को ऑडिटरी हेलोसिनेशन कहा जाता है। यह एक तरह की बीमारी है होती है जिसका नाम स्किजोफ्रेनिया है। यह एक ऐसा रोग है जिसमें रोगी की सोच भावना और उसके व्यवहार मे गंभीर रुप से विक्रितकयां पैदा हो जाती है इस मर्ज का मरीज वास्तविकता और कल्पनाओं के बीच में अन्तर करने की क्षमता खो देता है आंकडों के अनुसार देश में एक करोड़ से अधिक पुरुष व महिलाएं इस रोग की चपेट में है।
आगे की स्लाइड मे पढ़ें- क्या हैं इस रोग के लक्षण...
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