आईआईटी कानपुर में चल रहे कल्चरल फेस्टिवल अंतराग्नि 2018 के दौरान एक अजीब सा पहलू सामने आया है। 24 अक्टूबर की रात को फेस्ट में शिरकत करने आए दूसरे कॉलज के छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। जिस जगह उनको ठहराया गया वो जगह निर्माणधीन और बहुत ही गंदी थी। अंतराग्नि 2018 में शामिल होने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के 28 छात्र-छात्राओं को शनिवार सुबह 6 बजे आईआईटी सिक्योरिटी ने कैंपस से बाहर निकाल दिया।
सभी अपने बैग लेकर आईआईटी गेट पर आगए। जब कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कल्याणपुर थाने की शरण ली। कल्याणपुर इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह ने बताया छात्र-छात्राएं उन पैसों की मांग कर रहे थे जो उन्होंने अंतराग्नि में शामिल होने के लिए दिए थे। डीयू से बीटेक कर रही प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने बताया कि 24 अक्तूबर को शाम को नौ बजे 28 छात्र-छात्राओं क एक ग्रुप अंतराग्नि में हिस्सा लेने के लिए आईआईटी पहुंचा। ग्रुप में 12 लड़कियां और 16 लड़के हैं।
उन्होंने बताया कि अंतराग्नि के आयोजकों की ओर से उन्हें जेएस 1 में रूकने के लिए एक कमरा दिया गया। जिसके बाथरूम में बहुत गंदगी थी। छात्राओं ने जब इसकी शिकायत आयोजकों से की तो उन्होंने जेएस 2 में उन्हें कमरा उपलब्ध करवा दिया। यहां भी बाथरूम की हालत बहुत खराब थी। शिकायत करने पर उन्हें प्राइवेट रूम दिया गया। छात्राओं ने बताया कि रात को एक बजे आईआईटी इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की ओर से उन्हें काल कर रूम नंबर पूछा गया।
कहा कि वहां पर बिजली की कोई समस्या है इसलिए अंतराग्नि के आयोजकों ने बिजली ठीक करने के लिए नंबर दिया है। छात्राओं के मना करने के बाद भी देर रात करीब 1.30 बजे कुछ लोगों ने उनका दरवाजा जोर-जोर से पीटना शुरु कर दिया। अचानक हुई घटना से डरी सहमी छात्राओं ने यूपी 100 पर घटना की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को छात्राओं ने बताया कि कुछ लोग उनके कमरे का दरवाजा पीट रहे थे। सभी ने अंतराग्नि में हिस्सा लेने के लिए 1800 रुपये दिए हैं। इसके बाद भी पिछले दो दिनों से उन्हें रूकने के लिए एक कमरा नहीं मिला।
देर रात कैंपस में हंगामे की सूचना पर अंतराग्नि के आयोजक और दो प्रोफेसर मौके पर पहुंचे। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से कहा आप ने हमारे नियमों को तोड़ा है। इसलिए आपलोगों को अंतराग्नि से बाहर किया जा रहा है। अब आप अंतराग्नि में हिस्सा नहीं ले सकते। शनिवार को उनके ग्रुप की डांस परफारमेंस होनी थी। छात्राओं ने अंतराग्नि के आयोजकों और दो प्रोफेसरों पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर उनके चरित्र पर सवाल उठा रहे थे। सुबह 6 बजे आईआईटी की सिक्योरिटी ने सभी 28 छात्र-छात्राओं को कैंपय से बाहर निकाला दिया। दो घंटे तक गेट पर इंतजार करने के बाद सुबह 8 बजे सभी कल्याणपुर थाने पहुंच गए। कल्याणपुर इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह ने बताया सभी को 850 रूपये वापस करवाए गए हैं।