बांदा में आसमान आग उगल रहा है। प्रचंड गर्मी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। लगातार दूसरे दिन भी पारा 50 डिग्री के नजदीक रहा। गर्मी के इस सितम ने पिछले 31 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। इसके पूर्व वर्ष 1988 में 50 डिग्री पर पारा पहुंचा था। डाक्टरों का कहना है कि इतने तापमान पर शरीर का थर्मो रेगुलेटरी सिस्टम फेल हो सकता है। इससे जान जा सकती है।
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बढ़ते पारे के चलते गर्मी से परेशान महिला और बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
बीते 24 घंटे के दौरान मौसम के इस कहर से तीन मौतें हुई हैं। पूरा बुंदेलखंड भीषण गर्मी की चपेट में है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिले भी सूरज की आग बरसाने वाली किरणों से बुरी तरह तप रहे हैं। सबसे खराब हाल मंडल मुख्यालय बांदा का है। 47 या 48 डिग्री तापमान की मार यहां के बाशिंदे करीब एक पखवाड़े से झेल रहे हैं। लेकिन पिछले दो दिनों में तापमान में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है।
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गर्मी ने किया बेहाल
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यह 50 डिग्री के नजदीक जा पहुंचा है। सोमवार को 49.5 डिग्री अधिकतम तापमान मंगलवार को दूसरे दिन 0.1 डिग्री वृद्धि के साथ बरकरार रहा। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं दोपहर को और जानलेवा बन गईं। जिस्म झुलसा देने वाली तपिश ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। उधर, न्यूनतम पारा भी रात में 34 डिग्री से नीचे नहीं गिरा। रात भी गर्म रही। लोगों की नींद उड़ी रही।
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गर्मी की मार से देश परेशान
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डाक्टरों का कहना है कि 50 डिग्री तापमान होने पर शरीर का थर्मो रेगुलेटरी सिस्टम फेल हो सकता है। ऐसे में जान जाने का खतरा है। पारा 50 के नजदीक पहुंचने के साथ ही लू से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया है। बीते 24 घंटे में लू से तीन मौतें हो गई हैं। नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक करतल कस्बा निवासी नत्थू (45) पुत्र राजा रविवार को सुबह गांव के पास गौहर पहाड़ में बकरी चराने गया था।
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गर्मी के साथ अब बेचैन करने वाली उमस भी बढ़ी
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वहां उसकी लू से मौत हो गई। वापस न आने पर घरवालों ने तलाश शुरू की। सोमवार को शाम उसका शव पड़ा मिला। कोतवाली प्रभारी रामेंद्र तिवारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दूसरी मौत बांदा शहर में हुई। रेलवे स्टेशन माल गोदाम के नजदीक सोमवार को दोपहर लगभग 35 वर्षीय युवक की लू से मौत हो गई।