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चंद्रशेखर आजाद की 112वीं जयंती पर राज्यपाल बोले 'अखिलेश ने नहीं माना सुझाव'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:15 PM IST
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कार्यक्रम के पहले राष्ट्रगान गाते राज्यपाल व अन्य भाजपा नेता
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के उन्नाव जिले में चंद्रशेखर आजाद की 112 वीं जयंती पर उनकी जन्मस्थली बदरका पहुंचे सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने महान क्रांतिकारी की जन्मतिथि को लेकर उठते रहे सवालों पर विराम लगाने की कोशिश की। वह बोले, विधानसभा अध्यक्ष ने जब आजाद की जयंती कार्यक्रम के बारे में बताया तो पहले आश्चर्य हुआ। उन्होंने जो इतिहास पढ़ा था, उसमें 23 जुलाई 1906 जन्म तिथि है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने शताब्दी वर्ष मनाने का सुझाव नहीं माना था।
कार्यक्रम में बोलते राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि बड़े लोगों के बारे में अक्सर ऐसा हो जाता है। छत्रपति शिवाजी के जन्म का वर्ष भी कहीं 1627 तो कहीं 1630 बताया जाता है। उन्होंने कहा कि इतिहासकारों में भले ही शिवाजी की जन्मतिथि को लेकर कुछ भ्रांतियां हों, लेकिन यह तो है कि उनका जन्म देश में ही हुआ। उन्होंने देश की रक्षा की। इसी तरह आजाद की जन्मतिथि में भले मत-मतांतर हो, लेकिन इतना तो तय है कि इनका जन्म यहीं हुआ है। इसी कारण लोग यहां पर उनकी जयंती मनाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि ‘कभी-कभी मुझे ईर्ष्या होती है कि मूर्धन्य साहित्यकार, मनीषी लेखक व शूरवीर उन्नाव में ही क्यों पैदा हुए हैं’, हमारे यहां क्यों नहीं।
राज्यपाल राम नाईक
उन्होंने कहा कि 1916 में लोकमान्य तिलक ने स्वाधीनता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है, का नारा दिया था। इसका शताब्दी वर्ष मनाने का उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सुझाव दिया था। उन्होंने इसे नहीं माना। बाद में वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 101वें वर्ष में भव्य रूप से मनाया। राज्यपाल ने तत्कालीन इतिहासकारों को भी कांड शब्द प्रयोग करने पर कठघरे में खड़ा किया। बोले, काकोरी कांड नहीं था। वह अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांतिकारियों का उनका खजाना लूट कर अपने संगठन को मजबूत करने का प्रयास था।
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राज्यपाल राम नाईक
विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने राज्यपाल का स्वागत कर गीता पर अनुवाद की गई कृति भेंट की। साथ ही राज्यपाल के कार्यकाल में ही विधानसभा में पहली बार राष्ट्रगान की परंपरा पड़ने की जानकारी दी। कार्यक्रम को सांसद डा. सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज, विधायक कुलदीप सिंह, शिक्षक विधायक राबहादुर सिंह चंदेल, बृजेश रावत, बंबालाल दिवाकर, पंकज गुप्ता व पूर्व सांसद देवीबक्श सिंह ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता पूर्व मंत्री अशोक बाजपेई, संचालन संजय शुक्ल व आभार चंद्रशेखर आजाद स्मारक ट्रस्ट के मंत्री राजेश शुक्ल ने व्यक्त किया।
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राज्यपाल राम नाईक
आजाद के जन्म स्थान को लेकर शोध किया जाएगा
पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के जन्म स्थान को लेकर वह प्रदेश सरकार से एक जांच समिति बनाकर शोध करवाने की बात करेंगे। उन्होंने कहा कि आजाद का जन्म कहां हुआ, यह शोध का विषय है। वहीं पूर्व सीएम अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि लालू को सजा भाजपा ने नहीं, न्यायालय ने दी है। सभी लोगों को न्यायालय के आदेश का सम्मान करना चाहिए। यह भी जरूरी नहीं कि हर कोई न्यायालय के निर्णय से सहमत हो। उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस पूरे उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के जन्म स्थान को लेकर वह प्रदेश सरकार से एक जांच समिति बनाकर शोध करवाने की बात करेंगे। उन्होंने कहा कि आजाद का जन्म कहां हुआ, यह शोध का विषय है। वहीं पूर्व सीएम अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि लालू को सजा भाजपा ने नहीं, न्यायालय ने दी है। सभी लोगों को न्यायालय के आदेश का सम्मान करना चाहिए। यह भी जरूरी नहीं कि हर कोई न्यायालय के निर्णय से सहमत हो। उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस पूरे उल्लास के साथ मनाया जाएगा।