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फर्रुखाबादः सुभाष के दोस्त की मदद भी निकली बेकार, दरवाजे के नीचे से पौव्वा लेकर पिया और करता रहा बात
Fri, 31 Jan 2020 03:03 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 31 Jan 2020 03:03 AM IST
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अपहरणकर्ता सुभाष बाथम
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद बच्चों को बंधक मुक्त कराने के लिए देर रात पुलिस ने सुभाष के दोस्तों को बुलवाया और दरवाजा खुलवाने का प्रयास कराया। सुभाष ने दरवाजा तो नहीं खोला, लेकिन दरवाजे के नीचे खाली जगह से दोस्त से पौव्वा लेकर शराब पी। सुभाष की पत्नी भी उसके दोस्त से दरवाजे के पास बात करती रही।
अपहरणकर्ता सुभाष बाथम (दाएं) और घायल बालू देव (बाएं)
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर दो बजे से बंधक बने करीब 21 बच्चों के रात 11 बजे तक मुक्त कराने का डीएम मानवेंद्र सिंह व एसपी डा. अनिल कुमार हर प्रयास करते रहे। आखिर में प्रशासन ने सुभाष के साथ शराब पीने वाले दोस्तों को बुलाया और उनसे दरवाजा खुलवाने में मदद मांगी।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
चार दोस्त दरवाजे के पास गए और बैठकर सुभाष को आवाज दी। दोस्त की आवाज सुनकर सुभाष गेट के पास आया और दोस्तों से बात करने लगे। वह अपनी गांव की रंजिश और समस्याओं को बताने लगा। तभी एक दोस्त ने शराब पीने के लिए गेट खोलने को कहा तो सुभाष ने गेट के नीचे खाली जगह से पौव्वा देने की बात कही।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
दोस्त ने आधा पौव्वा शराब दी, जिसको सुभाष ने पीकर बाहर खाली शीशी उसी खाली जगह से बाहर निकाल दी। तभी सुभाष की पत्नी भी उसके दोस्तों से बात करने लगी। दोस्तों ने कई बार सुभाष को दरवाजा खोलने के लिए उकसाया, लेकिन उसने गेट नहीं खोला।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस भी गेट से कुछ दूर हट गई और छत पर डेरा जमा लिया। फिर भी सुभाष ने गेट नहीं खोला। देर रात तक दोस्त सुभाष को गेट खोलने के लिए मनाने का प्रयास करते रहे। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह भी सुभाष को समझाने का प्रयास करते रहे।